गुजरात हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: आप विधायक की पत्नी समेत पांच दोषियों को मिली जमानत
गुजरात हाईकोर्ट ने आप विधायक चैतर वसावा की पत्नी समेत पांच दोषियों को जमानत दे दी है। अदालत ने कहा कि इनके खिलाफ किसी प्रत्यक्ष हमले का आरोप नहीं है और इनकी भूमिका सीमित थी।

सौजन्य से:- अमर उजाला
गुजरात: आप विधायक चैतर वसावा की पत्नी समेत पांच दोषियों को हाईकोर्ट से जमानत, अदालत ने किन शर्तों पर राहत दी?
गुजरात हाईकोर्ट ने मारपीट और जबरन वसूली के मामले में सजा पाए आम आदमी पार्टी (आप) विधायक चैतर वसावा की पत्नी समेत पांच दोषियों को जमानत दे दी है। अदालत ने कहा कि इनके खिलाफ किसी प्रत्यक्ष हमले का आरोप नहीं है और इनकी भूमिका सीमित थी। आइए, विस्तार से जानते हैं कि हाईकोर्ट ने जमानत देते समय क्या टिप्पणियां कीं और साथ ही ये भी जानेंगे ये पूरा मामला क्या है...
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विस्तार
मारपीट और जबरन वसूली के मामले में सजा काट रहे आम आदमी पार्टी (आप) विधायक चैतर वसावा के परिवार को गुजरात हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट ने बुधवार को चैतर वसावा की पत्नी शकुंतलादेवी वसावा समेत पांच दोषियों को जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि पहली नजर में इनके खिलाफ किसी प्रत्यक्ष हमले या हिंसक कार्रवाई का आरोप सामने नहीं आता। अदालत के अनुसार इनकी भूमिका सीमित थी और इन्हें मुख्य आरोपी नहीं माना गया है। इसी आधार पर अदालत ने उनकी सजा पर रोक लगाने की अर्जी स्वीकार करते हुए सशर्त जमानत दे दी।
यह मामला नवंबर 2023 में वन विभाग के अधिकारियों के साथ कथित मारपीट और जबरन वसूली से जुड़ा है। पिछले महीने सत्र अदालत ने आप विधायक चैतर वसावा, उनकी पत्नी और सात अन्य लोगों को इस मामले में सात-सात वर्ष की कैद की सजा सुनाई थी। अदालत ने सभी दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। इसके बाद कई दोषियों ने अपनी सजा पर रोक और जमानत के लिए गुजरात हाईकोर्ट का रुख किया था।
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हाईकोर्ट ने जमानत देते समय क्या कहा?
न्यायमूर्ति वी.के. व्यास की एकल पीठ ने शकुंतलादेवी वसावा, रमेश वसावा, मरियम वसावा, बलिराम वसावा और मोगराबेन वसावा को जमानत देते हुए कहा कि ये मामले के मुख्य आरोपी नहीं हैं। अदालत ने कहा कि इनके खिलाफ किसी प्रत्यक्ष हिंसक कृत्य का आरोप नहीं लगाया गया है। फैसले में कहा गया कि इन्हें मुख्य रूप से 'विकेरियस लायबिलिटी' (दूसरों के कृत्य की कानूनी जिम्मेदारी) के आधार पर दोषी ठहराया गया था। अदालत ने यह भी माना कि इनकी भूमिका सीमित थी और शिकायतकर्ता या गवाह को किसी प्रकार की चोट पहुंचाने का आरोप इनके खिलाफ नहीं है।
अदालत ने किन शर्तों पर जमानत दी?
हाईकोर्ट ने सभी पांच दोषियों को 15-15 हजार रुपये के निजी मुचलके और समान राशि की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत ने यह भी शर्त रखी कि जमानत पर रिहा होने के बाद वे किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं होंगे। इसके अलावा अदालत की पूर्व अनुमति के बिना वे भारत से बाहर नहीं जा सकेंगे। अदालत ने कहा कि जमानत की इन सभी शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।
मामले में अब तक क्या-क्या हुआ है?
इस मामले में हाईकोर्ट पहले भी एक आरोपी बलिराम वसावा की पत्नी शकुंतलाबेन वसावा को मानवीय आधार पर जमानत दे चुका है। उन्होंने हाल ही में बच्चे को जन्म दिया था, जिसके बाद 2 जुलाई को अदालत ने उन्हें राहत दी थी। अब तक कुल छह दोषियों को हाईकोर्ट से सजा पर रोक और जमानत मिल चुकी है। हालांकि, आप विधायक चैतर वसावा और चार अन्य दोषियों ने अभी तक अपनी सजा पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल नहीं की है। चैतर वसावा फिलहाल नर्मदा केंद्रीय जेल में बंद हैं।
न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत
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