लक्सर में सामान्य वर्ग की सभा: यूजीसी रोलबैक व आरक्षण सुधार की माँग
लक्सर में आयोजित जनसभा में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान के लोग यूजीसी के नए प्रावधानों को वापस लेने और आरक्षण प्रणाली की पुनः समीक्षा की माँग कर एकजुट हुए। मुख्य वक्ताओं ने कहा कि कानून का उद्देश्य न्याय होना चाहिए, डर नहीं, और आजादी के 75 साल बाद आरक्षण का ऑडिट जरूरी है। सभा के बाद उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप चौक में पुलिस के सहयोग से ज्ञापन सौंपा, जिसमें यूजीसी रोलबैक और आरक्षण सुधार के लिए आयोग गठित करने की मांग की गई।

सौजन्य से:- ETV Bharat
यूजीसी रोलबैक के नारों से गूंजा लक्सर, वक्ता बोले- कानून का मकसद न्याय होना चाहिए, डर नहीं, आरक्षण का ऑडिट हो
रानीमाजरा में हुआ सामान्य वर्ग का महाजुटान, गूंजा- आरक्षण की समीक्षा करो, यूजीसी रोलबैक, नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा
By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : October 5, 2026 at 7:59 AM IST
लक्सर: लक्सर में रविवार को सामान्य वर्ग एकता मंच के बैनर तले आयोजित जनसभा में जनसैलाब उमड़ पड़ा. यूजीसी के नए प्रावधानों को वापस लेने (यूजीसी रोलबैक) और आरक्षण व्यवस्था में सुधार (रिजर्वेशन रिफॉर्म) की मांग को लेकर आयोजित इस सभा में हरिद्वार देहात और शहर के अलावा यूपी के शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर तथा दिल्ली और राजस्थान तक से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. पूरे कार्यक्रम के दौरान हॉल में एक ही नारा गूंजता रहा- "आरक्षण की समीक्षा करो और कानूनों के दुरुपयोग पर रोक लगाओ."
यूजीसी रोलबैक और आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग: कार्यक्रम की शुरुआत से पहले विभिन्न जनपदों से पहुंचे सामाजिक प्रतिनिधियों और अतिथियों का स्थानीय ग्रामीणों तथा आयोजन समिति ने ढोल-नगाड़ों और फूलमालाओं से जोरदार स्वागत किया.
कानून का मकसद न्याय होना चाहिए, डर नहीं- ठाकुर पूरण सिंह चौहान: जनसभा को संबोधित करते हुए शामली से आए प्रमुख वक्ता ठाकुर पूरण सिंह चौहान ने कहा कि किसी भी कानून का मकसद समाज में न्याय स्थापित करना होना चाहिए, डर पैदा करना नहीं. उन्होंने कहा कि वर्तमान में यूजीसी के नए प्रावधानों और एससी-एसटी एक्ट का कई जगह दुरुपयोग हो रहा है. इससे सामान्य वर्ग के लोगों में भय और असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है. इस पर सरकार को आंखें खोलनी होंगी. उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग को अब अपने हक और सम्मान के लिए संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से संगठित होना पड़ेगा और चुनाव में अपने जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछना पड़ेगा.
75 साल बाद आरक्षण का ऑडिट होना चाहिए- सुप्रीम कोर्ट के वकील अनिल मिश्रा: सभा में बतौर मुख्य वक्ता पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने कहा कि आजादी के 75 साल बाद आरक्षण व्यवस्था के नतीजों का ऑडिट और समीक्षा होना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि आज प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रतिभा दम तोड़ रही है. 90 प्रतिशत अंक लाने वाला छात्र भी बाहर हो रहा है और कम अंक वाला चयनित हो रहा है, इससे सामान्य वर्ग के युवाओं में भारी असंतोष और निराशा है. उन्होंने कहा कि व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें जाति के साथ-साथ आर्थिक स्थिति और वास्तविक वंचना को भी आधार बनाया जाए, ताकि जरूरतमंद को ही लाभ मिल सके.
सामाजिक समरसता के लिए समान अवसर जरूरी- पंडित पदम प्रकाश शर्मा: ब्राह्मण महासभा उत्तराखंड के अध्यक्ष पंडित पदम प्रकाश शर्मा ने कहा कि आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर स्वस्थ बहस होना लोकतंत्र की ताकत है. सामाजिक समरसता और भाईचारा तभी आएगा, जब समाज के हर वर्ग को समान अवसर और सम्मान मिलेगा. किसी भी वर्ग को यह महसूस नहीं होना चाहिए कि उसके साथ भेदभाव हो रहा है.
कार्यक्रम अध्यक्ष बलवंत सिंह चौहान ने कहा कि अब तक सामान्य वर्ग की आवाज बिखरी हुई थी, लेकिन अब बिखरी हुई आवाज नहीं, बल्कि एकजुट होकर तथ्यों और आंकड़ों के साथ लड़ाई लड़नी होगी, तभी सरकार हमारी बात सुनेगी.
सभा को मांगेराम त्यागी, ठाकुर जयपाल सिंह चौहान, अधीर कौशिक, सुनील कुमार अग्रवाल, राजू ओबराय, उत्तम सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह चौहान सहित कई अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया.
पैदल मार्च कर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, पुलिस रही मुस्तैद: जनसभा के समापन के बाद बड़ी संख्या में लोग एकजुट होकर पैदल मार्च करते हुए महाराणा प्रताप चौक, धारीवाला पहुंचे. वहां सभी ने उपजिलाधिकारी लक्सर अनिल शुक्ला को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने और आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक आयोग गठित करने की मांग की गई.
इस दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने भी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और पैदल मार्च के दौरान पुलिस बल भी साथ-साथ चलता रहा, ताकि शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम संपन्न हो सके.
कार्यक्रम को सफल बनाने में ठाकुर अर्जुन सिंह चौहान, धर्मेंद्र चौहान, अतुल चौहान, शिवकुमार चौहान, ठाकुर अक्षय चौहान, पीयूष चौहान, नाथीराम चौहान, त्रिलोक चौहान, सौरभ चौहान, सचिन चौहान, अभिषेक चौहान, पंकज प्रधान, तरुण चौहान, विशाल चौहान, शिवम चौहान, रविन्द्र शर्मा और नितिन चौहान सहित आयोजन समिति के सदस्यों एवं ग्रामीणों का योगदान रहा.
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