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खूंटी में जेल अदालत में तीन बंदियों को मिली रिहाई

खूंटी की जेल अदालत में तीन बंदियों को रिहा किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के हाथों में बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई।

16 अगस्त 2026 को 10:54 am बजे
खूंटी में जेल अदालत में तीन बंदियों को मिली रिहाई

सौजन्य से:- Prabhat Khabar

खूंटी में आयोजित जेल अदालत में तीन बंदियों को मिली रिहाई

जेल अदालत में उपस्थित न्यायिक अधिकारी और बंदी | Prabhat Khabar Network

खूंटी में आयोजित जेल अदालत में तीन बंदियों को रिहा किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने बंदियों को कानूनी अधिकारों और निःशुल्क सहायता की जानकारी दी।

खूंटी. जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूंटी के तत्वावधान में जेल अदालत का आयोजन किया गया. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूंटी रसिकेश कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित जेल अदालत में तीन मामलों में तीन बंदियों को कारा मुक्त करने का आदेश दिया गया.

बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता

कार्यक्रम का उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों को त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराना तथा पात्र बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान करना था. जेल अदालत में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अर्जुन साव, डीएलएसए सचिव कमलेश बेहरा, प्रधान दंडाधिकारी किशोर न्याय बोर्ड सह मुंसिफ सह रजिस्ट्रार सिविल कोर्ट विद्यावती कुमारी, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी अमित आकाश सिन्हा, एलएडीसी के मुख्य अधिवक्ता राजीव कमल एवं उप मुख्य अधिवक्ता नम्रता कुमारी मौजूद थीं.

न्याय व्यवस्था का उद्देश्य निष्पक्ष एवं सुलभ न्याय

मौके पर न्यायिक पदाधिकारियों ने बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता तथा न्याय प्राप्त करने के उपलब्ध साधनों की जानकारी दी. मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अर्जुन साव ने कहा कि न्याय व्यवस्था का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को निष्पक्ष एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है. आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को न्याय से वंचित नहीं होने दिया जाएगा.

ये भी पढ़ें: पलामू व्यवहार न्यायालय परिसर में प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश श्रीराम शर्मा ने किया ध्वजारोहण

बंदियों को बचाव के अधिकार

डीएलएसए सचिव कमलेश बेहरा ने बंदियों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी कानूनी परेशानी में जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क करने की अपील की. वहीं विद्यावती कुमारी और अमित आकाश सिन्हा ने भी बंदियों को न्यायिक प्रक्रिया एवं विधिक सहायता के संबंध में जानकारी दी. एलएडीसी के अधिवक्ताओं ने बंदियों को बचाव के अधिकार और उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में बताया.

कानून पर विश्वास रखे

इस दौरान न्यायिक पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने बंदियों की समस्याएं भी सुनीं. स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें कानून पर विश्वास रखने और न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की.

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लेखक के बारे में

By चंदन कुमार

चंदन कुमार ने करियर की शुरुआत 1996 में प्रभात खबर से की. ऑल इंडिया रेडियो, सहारा समय टीवी, इंडिया टुडे एवं राष्ट्रीय सहारा में कार्य अनुभव. यात्रा वृतांत,साहित्य, सामाजिक बदलाव एवं कानूनी मामले की खबरों में रुचि. वर्तमान में मधेपुरा से खबरों का संकलन करते हैं.

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