यूजीसी बिल के विरुद्ध सवर्ण जाति का रोहटा रोड पर धरना, ज्ञापन प्रधानमंत्री को
सोमवार को मेरठ की रोहटा रोड पर राजपूत महासभा के नेतृत्व में सवर्ण जातियों ने यूजीसी बिल के विरोध में विशाल धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के पश्चात कमिश्नर और जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया, जिसमें सरकार से कानून वापस लेने और आरक्षण केवल आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग की गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मांगें सरकार तक पहुंचाई जाएंगी।

सौजन्य से:- Hindustan
यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण जातियों का प्रदर्शन, प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा
सोमवार को मेरठ की रोहटा रोड पर राजपूत महासभा के नेतृत्व में सवर्ण जातियों ने यूजीसी बिल के खिलाफ बड़े प्रदर्शन का आयोजन किया। नेताओं ने सरकार से इस कानून को वापस लेने और आरक्षण प्रणाली को केवल आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग की। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगें सरकार तक पहुंचाई जाएंगी।
सोमवार को रोहटा रोड में राजपूत महासभा के नेतृत्व में सवर्ण जाति के लोगों ने एकजुट होकर यूजीसी बिल के विरोध में एक विशाल धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के उपरांत कमिश्नर और जिलाधिकारी मेरठ के माध्यम से प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन प्रेषित किया गया। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने सरकार से यूजीसी कानून को तुरंत वापस लेने और देश में आरक्षण की व्यवस्था केवल आर्थिक आधार पर लागू करने की पुरजोर मांग उठाई।भारतीय सवर्ण महासभा के अध्यक्ष मनोज चौहान कुराली ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह यूजीसी कानून देश के किसी भी वर्ग द्वारा नहीं मांगा गया है, बल्कि सरकार ने इसे अपनी तरफ से थोपने का प्रयास किया है।
राजपूत महासभा के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह सिसोदिया और प्रेमपाल सिंह चौहान ने चेतावनी दी कि यदि इस कानून को वापस नहीं लिया गया, तो समाज उग्र आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरने को बाध्य होगा।ज्ञापन प्राप्त करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को नियमानुसार सरकार तक अवश्य पहुँचाया जाएगा।इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम में कुंवर पाल सिंह, विनोद तोमर, संजय चौहान, प्रदीप चौहान, सुबोध चौहान, मुकेश शर्मा और ओंकार शर्मा सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।
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