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हरियाणा में यहां लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, पारिवारिक विवाद और ट्रैफिक चालान समेत कई मामलों का होगा निपटारा

हरियाणा में यहां लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, पारिवारिक विवाद और ट्रैफिक चालान समेत कई मामलों का होगा निपटारा Udaipur Times, फरीदाबाद : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फरीदाबाद द्वारा 12 सितंबर 2026 (शनिवार) को राष्ट्रीय लोक अद…

22 अगस्त 2026 को 10:54 am बजे
हरियाणा में यहां लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, पारिवारिक विवाद और ट्रैफिक चालान समेत कई मामलों का होगा निपटारा

सौजन्य से:- UdaipurTimes.com

हरियाणा में यहां लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, पारिवारिक विवाद और ट्रैफिक चालान समेत कई मामलों का होगा निपटारा

Udaipur Times, फरीदाबाद : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फरीदाबाद द्वारा 12 सितंबर 2026 (शनिवार) को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह लोक अदालत जिला न्यायालय परिसर, सेक्टर-12, फरीदाबाद में आयोजित होगी। कार्यक्रम का आयोजन जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं चेयरमैन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फरीदाबाद संदीप कुमार गर्ग के कुशल मार्गदर्शन तथा सीजेएम एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में किया जाएगा।

सीजेएम जितेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित अधिक से अधिक मामलों का आपसी समझौते के माध्यम से सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि आम जनता को त्वरित, सरल, सस्ता एवं सुलभ न्याय प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि लोक अदालत वैकल्पिक विवाद निवारण की एक प्रभावी व्यवस्था है, जिसके माध्यम से पक्षकार बिना लंबी न्यायिक प्रक्रिया के अपने विवादों का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर वाहन दुर्घटना दावा (MACT) मामले, वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, दीवानी वाद (Civil Suits), फौजदारी जमानती (Compoundable) मामले, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण संबंधी मामले, जल बिल विवाद (आपसी सहमति की स्थिति में), राजस्व संबंधित विवाद, ट्रैफिक चालान एवं समरी चालान तथा अन्य सभी प्रकार के छोटे एवं समझौता योग्य मामलों का निपटारा किया जाएगा।

सीजेएम जितेंद्र सिंह ने आमजन से अपील की कि वे इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने लंबित मामलों के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए संबंधित न्यायालय अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फरीदाबाद से संपर्क करें। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में पक्षकारों को किसी प्रकार की कोर्ट फीस अदा नहीं करनी पड़ती तथा यदि किसी मामले में पूर्व में कोर्ट फीस जमा की गई है तो वह राशि नियमानुसार वापस कर दी जाती है।

उन्होंने यह भी बताया कि लोक अदालत में पारित निर्णय अंतिम होता है तथा उसके विरुद्ध कोई अपील नहीं की जा सकती। इससे विवादों का स्थायी, त्वरित एवं सुलभ समाधान संभव हो पाता है और न्यायिक प्रणाली पर लंबित मामलों का भार भी कम होता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फरीदाबाद ने सभी संबंधित पक्षकारों, अधिवक्ताओं एवं आम नागरिकों से राष्ट्रीय लोक अदालत में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।

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