प्रयागराज एनएलयू में दलित छात्रों ने एचओडी‑वार्डन पर जातीय भेदभाव का आरोप, कोर्ट ने की जांच समिति का गठन
प्रयागराज की नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के एक पीएचडी शोधार्थी और एक एलएलबी दलित छात्र ने लॉ विभाग के प्रमुख तथा हॉस्टल वार्डन पर जाति‑आधारित अपमान और परीक्षा उत्तरपत्र में पक्षपात का आरोप लगाया। न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की एकल पीठ ने इन आरोपों को गंभीर मानते हुए दो सदस्यीय जांच समिति बनायी। इसी बीच, दलित दस्तक 2012 से दलित‑आदिवासी समाज की आवाज़ बन कर विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म पर खबरें प्रकाशित कर रही है।

सौजन्य से:- दलित दस्तक
प्रयागराज की नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के एक पीएचडी शोधार्थी और एक एलएलबी के दलित छात्र ने लॉ डिपार्टमेंट के HOD और हॉस्टल वार्डन पर जातिगत अपमान व परीक्षा की आंसर शीट में पक्षपात करने का आरोप लगाया है। इसको लेकर मामला अदालत में पहुंच गया है, जिसके बाद न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की एकल पीठ ने इन आरोपों को गंभीर मानते हुए न्यायिक अधिकारियों की दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।
दलित दस्तक (Dalit Dastak) साल 2012 से लगातार दलित-आदिवासी (Marginalized) समाज की आवाज उठा रहा है। मासिक पत्रिका के तौर पर शुरू हुआ दलित दस्तक आज वेबसाइट, यू-ट्यूब और प्रकाशन संस्थान (दास पब्लिकेशन) के तौर पर काम कर रहा है। इसके संपादक अशोक कुमार (अशोक दास) 2006 से पत्रकारिता में हैं और तमाम मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। Bahujanbooks.com नाम से हमारी वेबसाइट भी है, जहां से बहुजन साहित्य को ऑनलाइन बुक किया जा सकता है। दलित-बहुजन समाज की खबरों के लिए दलित दस्तक को सोशल मीडिया पर लाइक और फॉलो करिए। हम तक खबर पहुंचाने के लिए हमें dalitdastak@gmail.com पर ई-मेल करें या 9013942612 पर व्हाट्सएप करें।
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