Karnataka High Court: अदालत ने केपीएससी अध्यक्ष साहूकार का निलंबन किया निरस्त, सात दिन में बहाली का आदेश
{"_id":"6a847377d2426ef743026ebd","slug":"karnataka-high-court-cancels-kpsc-chairman-shivashankarappa-sahukar-suspension-reinstatement-7-days-2026-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnataka High Court…

सौजन्य से:- Amar Ujala
{"_id":"6a847377d2426ef743026ebd","slug":"karnataka-high-court-cancels-kpsc-chairman-shivashankarappa-sahukar-suspension-reinstatement-7-days-2026-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnataka High Court: अदालत ने केपीएससी अध्यक्ष साहूकार का निलंबन किया निरस्त, सात दिन में बहाली का आदेश","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Karnataka High Court: अदालत ने केपीएससी अध्यक्ष साहूकार का निलंबन किया निरस्त, सात दिन में बहाली का आदेश
Tue, 18 Aug 2026 08:32 PM IST
Devesh Tripathi
आईएएनएस, बंगलूरू
आईएएनएस, बंगलूरू
Published by: Devesh Tripathi
Updated Tue, 18 Aug 2026 08:32 PM IST
सार
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष शिवशंकरप्पा बी. साहूकार को राहत देते हुए राज्यपाल की ओर से जारी निलंबन आदेश को रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि निलंबन के लिए मंत्रिमंडल की सिफारिश नहीं थी, इसलिए आदेश कानूनी आधार पर कायम नहीं रह सकता।
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) के अध्यक्ष शिवशंकरप्पा बी. साहूकार को बड़ी राहत देते हुए उनके निलंबन को रद्द कर दिया है। जस्टिस सूरज गोविंदराज की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत द्वारा 10 जुलाई को जारी निलंबन आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।
हाईकोर्ट ने कहा कि निलंबन आदेश कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है, क्योंकि मंत्रिमंडल ने केपीएससी अध्यक्ष के निलंबन की न तो सिफारिश की थी और न ही ऐसा कोई सुझाव दिया था। अदालत ने स्पष्ट किया कि राज्यपाल को मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुरूप कार्य करना चाहिए था। इसी आधार पर अदालत ने निलंबन आदेश को निरस्त और शून्य घोषित कर दिया।
हाईकोर्ट ने बहाली के साथ दिए और क्या निर्देश?
अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि साहूकार को सात दिनों के भीतर केपीएससी अध्यक्ष के पद पर बहाल किया जाए। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि साहूकार अपनी बेटियों की नियुक्ति से संबंधित किसी भी मामले में कोई निर्णय नहीं लेंगे।
विज्ञापन
साहूकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण श्याम ने दलील दी थी कि निलंबन कानूनी प्रावधानों के अनुरूप नहीं था। याचिका में साहूकार ने तर्क दिया था कि संविधान के अनुच्छेद 317(1) के तहत राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के खिलाफ जांच के लिए राज्यपाल की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा सुप्रीम कोर्ट को संदर्भ भेजे जाने तक राज्यपाल को उन्हें निलंबित करने का अधिकार नहीं है।
केपीएससी की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं पर विवाद जारी
यह फैसला ऐसे समय आया है, जब केपीएससी की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर विवाद जारी है। पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में गड़बड़ियों की जांच भी चल रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कर्नाटक और अहमदाबाद में 21 स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई केपीएससी द्वारा वेटरिनरी अधिकारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं के मामले में की गई।
बंगलूरू जोनल कार्यालय की ईडी टीम ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 17 के तहत तलाशी अभियान चलाया। जिन स्थानों पर छापेमारी की गई उनमें केपीएससी कार्यालय, निलंबित अध्यक्ष साहूकार का आवास, केपीएससी सदस्य शांता होसमनी का घर, बिचौलियों के ठिकाने, चयनित अभ्यर्थियों के परिसर तथा परीक्षा उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन का कार्य संभालने वाली एडुटेस्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय शामिल हैं।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने कहा कि निलंबन आदेश कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है, क्योंकि मंत्रिमंडल ने केपीएससी अध्यक्ष के निलंबन की न तो सिफारिश की थी और न ही ऐसा कोई सुझाव दिया था। अदालत ने स्पष्ट किया कि राज्यपाल को मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुरूप कार्य करना चाहिए था। इसी आधार पर अदालत ने निलंबन आदेश को निरस्त और शून्य घोषित कर दिया।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने बहाली के साथ दिए और क्या निर्देश?
अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि साहूकार को सात दिनों के भीतर केपीएससी अध्यक्ष के पद पर बहाल किया जाए। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि साहूकार अपनी बेटियों की नियुक्ति से संबंधित किसी भी मामले में कोई निर्णय नहीं लेंगे।
विज्ञापन
साहूकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण श्याम ने दलील दी थी कि निलंबन कानूनी प्रावधानों के अनुरूप नहीं था। याचिका में साहूकार ने तर्क दिया था कि संविधान के अनुच्छेद 317(1) के तहत राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के खिलाफ जांच के लिए राज्यपाल की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा सुप्रीम कोर्ट को संदर्भ भेजे जाने तक राज्यपाल को उन्हें निलंबित करने का अधिकार नहीं है।
केपीएससी की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं पर विवाद जारी
यह फैसला ऐसे समय आया है, जब केपीएससी की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर विवाद जारी है। पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में गड़बड़ियों की जांच भी चल रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कर्नाटक और अहमदाबाद में 21 स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई केपीएससी द्वारा वेटरिनरी अधिकारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं के मामले में की गई।
बंगलूरू जोनल कार्यालय की ईडी टीम ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 17 के तहत तलाशी अभियान चलाया। जिन स्थानों पर छापेमारी की गई उनमें केपीएससी कार्यालय, निलंबित अध्यक्ष साहूकार का आवास, केपीएससी सदस्य शांता होसमनी का घर, बिचौलियों के ठिकाने, चयनित अभ्यर्थियों के परिसर तथा परीक्षा उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन का कार्य संभालने वाली एडुटेस्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय शामिल हैं।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
लोक अदालत को लेकर हुई बैठक - Sheikhpura News

राष्ट्रीय लोक अदालत में केसों के निष्पादन पर जोर - Darbhanga News

लोक अदालत को लेकर की बैठक - Munger News

पानीपत के रीपक कंसल बने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष, कोविड मुआवजा समेत कई याचिकाओं से रहे चर्चित - ripak kansal of panipat became the treasurer of the supreme court bar association and has been prominent in several petitions including those for covid compensation

सुप्रीम कोर्ट ने यमुना नदी के मैदान को हुए नुकसान के लिए 'आर्ट ऑफ लिविंग' को जिम्मेदार ठहराने वाले एनजीटी के आदेश को खारिज कर दिया; 5 करोड़ रुपए रिफंड का निर्देश दिया

न्यायमूर्ति संजय करोल ने पद छोड़ते हुए कहा, न्यायाधीश भगवान नहीं हैं, वे हर फैसले को सही नहीं देंगे - द ट्रिब्यून

लोक अदालत और मध्यस्थता: त्वरित समाधान का मार्ग

राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी को लेकर बैठक
ताज़ा ख़बरें
- केंद्र ने अधिवक्ताओं के पैनल में शामिल होने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए
- केंद्र सरकार अधिवक्ताओं को पैनल काउंसिल के रूप में सूचीबद्ध करने के लिए दिशानिर्देश जारी करती है
- Bagpat News: छह लोगों ने किया अदालत में आत्मसमर्पण, जमानत मिली
- जस्टिस करोल बोले- जज भगवान नहीं, हर फैसला सही नहीं: फेयरवेल स्पीच देते हुए कहा- न्याय के लिए विनम्रता जरूरी
- कासिमाबाद में राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जागरूकता अभियान: तहसील और कोतवाली में लोगों को दी गई जानकारी - Sonbarsa(Kasimabad) News
- Delhi News: मधुबन चौक पर मेट्रो स्टेशन को अदालत से जोड़ेगा स्काईवॉक
- फरीदाबाद: अदालत की तीसरी मंजिल से कूदी 14 वर्षीय किशोरी, मेडिकल रिपोर्ट में गर्भवती मिलने पर घबराई - pregnant minor jumps from faridabad court seriously injured
- मनन कुमार मिश्रा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

