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बिना मंजूरी सुप्रीम कोर्ट के वकील को भेजी गलत रिपोर्ट का मामला, झारखंड सरकार ने दो बड़े अफसरों को किया निलंबित

झारखंड सरकार के गृह विभाग के संयुक्त सचिव मनीषा तिग्गा और अवर सचिव संजय झा को ठेकेदार द्वारा सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया में कोतवाली प्रमंडल में हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे को भेजी गई रिपोर्ट में वित्तीय विवरण देने के बिना बिना सूचना, प्रौद्योगिकी और ई-गवर्नेस विभाग से प्राप्त किए जाने वाले दिए गए आदेशों से प्राप्त रिपोर्ट के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई है।

19 जुलाई 2026 को 06:14 am बजे
बिना मंजूरी सुप्रीम कोर्ट के वकील को भेजी गलत रिपोर्ट का मामला, झारखंड सरकार ने दो बड़े अफसरों को किया निलंबित

सौजन्य से:- Jagran

बिना मंजूरी सुप्रीम कोर्ट के वकील को भेजी गलत रिपोर्ट, झारखंड सरकार ने दो बड़े अफसरों को किया निलंबित

झारखंड के गृह विभाग के दो अधिकारियों, संयुक्त सचिव और अवर सचिव को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई थानों में सीसीटीवी लगाने संबंधी मामले में सक्षम ...और पढ़ें

HighLights

- गृह विभाग के दो अधिकारी निलंबित, बिना अनुमोदन रिपोर्ट भेजी।

- संयुक्त सचिव मनीषा तिग्गा और अवर सचिव संजय झा निलंबित।

- झारखंड के थानों में सीसीटीवी लगाने संबंधी मामले में हुई कार्रवाई।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड के 606 थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने संबंधित मामले में बिना सक्षम प्राधिकार के अनुमोदन के वास्तविक तथ्यों से इतर रिपोर्ट देने के मामले में झारखंड सरकार के गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के दो अधिकारियों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई हुई है। इन अधिकारियों में विभाग की संयुक्त सचिव मनीषा जोसेफ तिग्गा व अवर सचिव संजय कुमार झा शामिल हैं।

कार्मिक प्रशासनिक एवं राजभाषा विभाग ने इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है। संयुक्त सचिव मनीषा जोसेफ तिग्गा को दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के आयुक्त के कार्यालय में योगदान देने का आदेश हुआ है तो अवर सचिव संजय कुमार झा को कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग में योगदान देने का आदेश हुआ है।

किस पर क्या है आरोप

मनीषा जोसेफ तिग्गा:

गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की संयुक्त सचिव मनीषा जोसेफ तिग्गा पर आरोप है कि उन्होंने राज्य के थानों में लगाए जाने वाले सीसीटीवी से संबंधित मामले में बिना सक्षम प्राधिकार के अनुमोदन के वास्तविक तथ्यों से इतर रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय के वरीय अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे को भेज दी।

इसके कारण पुरानी रिपोर्ट निरस्त करने एवं नए सिरे से रिपोर्ट भेजने की स्थिति उत्पन्न हुई। इसके बाद ही उन्हें गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त अनुशंसा के आलोक में झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2016 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के आयुक्त कार्यालय में होगा।

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संजय कुमार झा:

गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अवर सचिव संजय कुमार झा के विरुद्ध निलंबन आदेश में लिखा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय से पारित आदेश के अनुपालन के लिए झारखंड राज्य के सभी थाना में सीसीटीवी लगने हैं। इससे संबंधित मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने अमिकस क्यूरी के रूप में वरीय अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे को नियुक्त किया है।

11 जुलाई को सभी राज्यों के गृह सचिव एवं संबंधित पदाधिकारियों के साथ इस मामले में सिद्धार्थ दवे ने बैठक भी की थी। बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में उच्च अधिकारियों के माध्यम से दिए गए आदेश की अवहेलना करते हुए गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अवर सचिव संजय कुमार झा ने अपने स्तर से ई-मेल के माध्यम से सिद्धार्थ दवे के कार्यालय को रिपोर्ट उपलब्ध करा दिया।

जबकि, उक्त रिपोर्ट सूचना, प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेस विभाग से प्राप्त किए जाने का निर्देश दिया गया था। इनपर उच्च अधिकारियों के माध्यम से दिए गए निर्देश की अवहेलना करने, संवेदनशील मुद्दे पर लापरवाही बरतने व स्वेच्छाचारिता के आरोप की पुष्टि हुई है। इसी आरोप में निलंबित करते हुए उन्हें कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग में योगदान देने की कार्रवाई हुई है।

राज्य के 606 थानों में 134 करोड़ की लागत से लगने हैं सीसीटीवी कैमरे

राज्य के 606 थानों में 134 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगने हैं। इसके लिए हेमंत कैबिनेट ने इसी वर्ष जनवरी 2026 को इसके लिए प्रशासनिक मंजूरी दी थी। इस योजना के तहत कुल 8854 हाईटेक कैमरे लगाए जाने की योजना है।

ये कैमरे आडियो-वीडियो रिकार्डिंग व नाइट विजन से लैस होंगे। कैमरे लगाने व इसे लगाने से संबंधित सभी प्रक्रिया पूरी की जानी है, जो प्रक्रियाधीन है।

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