जमशेदपुर में ड्राइवरों ने पदयात्रा, हिट एंड रन कानून हटाने की माँग
ऑल झारखंड ड्राइवर महासंघ के नेतृत्व में सैकड़ों ड्राइवर साकची से डिमना तक पदयात्रा पर निकले, हिट एंड रन कानून समाप्त करने और ड्राइवर आयोग तथा कल्याण बोर्ड के गठन की माँग की। महासंघ ने सुरक्षित स्थान, बुनियादी सुविधाएँ और सरकारी मान्यता के साथ ड्राइवर दिवस मानने का भी आह्वान किया।

सौजन्य से:- Hindustan
Jamshedpur News: ड्राइवर महासंघ ने निकाली पदयात्रा, हिट एंड रन कानून खत्म करने की मांग
Jamshedpur News: जमशेदपुर में ऑल झारखंड ड्राइवर महासंघ के बैनर तले सैकड़ों ड्राइवरों ने मांगों को लेकर पदयात्रा की। मुख्य मांगों में ड्राइवर आयोग का गठन और हिट एंड रन कानून को समाप्त करना शामिल हैं। बैठक में ड्राइवरों की सुरक्षा और कल्याण के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
Jamshedpur News: जमशेदपुर। ऑल झारखंड ड्राइवर महासंघ के बैनर तले मंगलवार को सैकड़ों ड्राइवरों ने विभिन्न मांगों को लेकर साकची से डिमना तक पदयात्रा निकाली। पदयात्रा के बाद भिलाई पहाड़ी के हाट मैदान में महासंघ की बैठक आयोजित की गई। इसमें बड़ी संख्या में ड्राइवर शामिल हुए।बैठक को संबोधित करते हुए महासंघ के प्रदेश संगठन मंत्री उपेंद्र तिवारी ने सरकार से ड्राइवरों की समस्याओं के समाधान की मांग की। उन्होंने कहा कि हिट एंड रन कानून को समाप्त किया जाए तथा ड्राइवर आयोग का गठन किया जाए। साथ ही ड्राइवर दिवस को सरकारी मान्यता देने की मांग उठाई गई।महासंघ ने हाईवे पर ड्राइवरों के लिए सुरक्षित स्थान और आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने, ड्राइवर कल्याण बोर्ड का गठन करने की भी मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि ड्राइवर दिन-रात मेहनत कर परिवहन व्यवस्था को सुचारु रखते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा और कल्याण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। बैठक में मांगों को लेकर आगे आंदोलन की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
मानगो चौक में राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जागरूकता रथ अभियान

हरियाणा में 12 सितंबर को ट्रैफिक ई‑चालान निपटाने लोक अदालत, कार‑बाइक मालिकों के लिए अवसर

महराजगंज में अवकाशकालीन सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए डीएम‑एसपी ने अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश

लोक अदालत में अधिक मामलों का निपटारा बढ़ाने पर जोर

सत्य निकेतन हादसे के बाद अतिरिक्त मंजिलों को सील करने में सरकारी नियमों की अड़चन

हमारी नदियों की ज़िन्दगी के लिए एक नया दृष्टिकोण

नदियों की संकट स्थिति: जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जनसंख्या दबाव से बढ़ रही चुनौतियाँ

वाराणसी में पेंशनधारकों के लिए 15 दिसंबर को पेंशन अदालत का संचालन
ताज़ा ख़बरें
- जलवायु परिवर्तन और जनसंख्या दबाव से नदियों की बिगड़ती स्थिति—इन्हें इंसान मानना बदल सकता है?
- नदियों को मानवीय दृष्टिकोण से देखें: जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जनसंख्या का बढ़ता दबाव
- नदियाँ भी मनुष्य हैं: उनके संकट पर नया दृष्टिकोण
- कुशीनगर में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, बैंक‑ऋण व पारिवारिक विवाद सुलह‑समझौते से सुलझेंगे
- रक्तरंजित धारा: जलवायु‑परिवर्तन, प्रदूषण और जनसंख्या दबाव से नदियों की संकटग्रस्त स्थिति
- विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार हेतु जागरूकता रैली निकाली
- नदियों को मानवीकृत करें? क्या इससे जल संकट में बदलाव आ सकता है?
- नदियों की दुविधा: जलवायु, प्रदूषण और जनसंख्या के साथ संघर्ष

