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मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम: मध्यस्थता में विशेषज्ञता भारत में वैकल्पिक विवाद समाधान को बढ़ावा देने का संदेश

भारतीय मध्यस्थता एवं पंचाट संस्थान द्वारा आयोजित एक Arbitration Training Programme का सफल समापन, यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत में वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

3 जुलाई 2026 को 09:42 pm बजे
मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम: मध्यस्थता में विशेषज्ञता भारत में वैकल्पिक विवाद समाधान को बढ़ावा देने का संदेश

भारतीय मध्यस्थता एवं पंचाट संस्थान (Indian Institute of Arbitration and Mediation – IIAM) द्वारा आयोजित हालिया Arbitration Training Programme का सफलतापूर्वक समापन हुआ है। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को Arbitration और Alternative Dispute Resolution (ADR) की व्यावहारिक समझ प्रदान करना था। Iram Majid, जो IIAM से जुड़ी वरिष्ठ ADR विशेषज्ञ हैं, ने कहा कि वास्तविक सीख केवल शारीरिक उपस्थिति से नहीं, बल्कि जिज्ञासा, सक्रिय भागीदारी और निरंतर सीखने की इच्छा से प्राप्त होती है।

उन्होंने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत में वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

यह मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम अदालत के पर्यवेक्षण में मध्यस्थता के महत्व पर भी प्रकाश डालता है। मध्यस्थता एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली है, जो अदालती कार्रवाइयों को कम करने और विवादों को जल्दी से हल करने में मदद करती है।

इसका मतलब क्या है

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भारतीय मध्यस्थता एवं पंचाट संस्थान द्वारा किया गया एक महत्वपूर्ण कदम है, जो वैकल्पिक विवाद समाधान को बढ़ावा देने की दिशा में है। यह न केवल मध्यस्थों को व्यापक समझ प्रदान करता है, बल्कि विवाद समाधान को अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाने में भी मदद करता है। इससे भारत में मध्यस्थता की मांग और भी बढ़ सकती है, जिससे विवादों का जल्दी से हल होने में मदद मिलेगी।

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