देरिया में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, विवादों का निपटारा आसान
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार देरिया में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह मंच आपसी सहमति और सुलह-समझौते से निपटाए जा सकने वाले मामलों के लिए है, जबकि गैर-समझौतावादी आपराधिक मामलों का निस्तारण इसमें नहीं किया जाता।

सौजन्य से:- Amar Ujala
{"_id":"6a9db84ef1187d30150e9424","slug":"national-lok-adalat-to-be-held-on-september-12-deoria-news-c-208-1-deo1049-191095-2026-09-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: 12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: 12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत
Mon, 07 Sep 2026 12:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 07 Sep 2026 12:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की समय सारिणी के अनुसार 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें आपसी सहमति और सुलह-समझौते से निस्तारित किए जा सकने वाले मामलों को रखा जा सकता है। अदालत 12 दिसंबर को निर्धारित है। लोक अदालत का उद्देश्य पक्षकारों को आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने का अवसर देना है। इसमें गैर-समझौतावादी आपराधिक मामलों का निस्तारण नहीं किया जाता है। संवाद
विज्ञापन
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
हरियाणा में 12 सितंबर को ट्रैफिक ई‑चालान निपटाने लोक अदालत, कार‑बाइक मालिकों के लिए अवसर

महराजगंज में अवकाशकालीन सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए डीएम‑एसपी ने अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश

लोक अदालत में अधिक मामलों का निपटारा बढ़ाने पर जोर

सत्य निकेतन हादसे के बाद अतिरिक्त मंजिलों को सील करने में सरकारी नियमों की अड़चन

हमारी नदियों की ज़िन्दगी के लिए एक नया दृष्टिकोण

नदियों की संकट स्थिति: जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जनसंख्या दबाव से बढ़ रही चुनौतियाँ

वाराणसी में पेंशनधारकों के लिए 15 दिसंबर को पेंशन अदालत का संचालन

जलवायु परिवर्तन और जनसंख्या दबाव से नदियों की बिगड़ती स्थिति—इन्हें इंसान मानना बदल सकता है?
ताज़ा ख़बरें
- नदियों को मानवीय दृष्टिकोण से देखें: जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जनसंख्या का बढ़ता दबाव
- नदियाँ भी मनुष्य हैं: उनके संकट पर नया दृष्टिकोण
- कुशीनगर में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, बैंक‑ऋण व पारिवारिक विवाद सुलह‑समझौते से सुलझेंगे
- रक्तरंजित धारा: जलवायु‑परिवर्तन, प्रदूषण और जनसंख्या दबाव से नदियों की संकटग्रस्त स्थिति
- विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार हेतु जागरूकता रैली निकाली
- नदियों को मानवीकृत करें? क्या इससे जल संकट में बदलाव आ सकता है?
- नदियों की दुविधा: जलवायु, प्रदूषण और जनसंख्या के साथ संघर्ष
- नदियों के संकट को मानवीय रूप में देखें: क्या इससे बदलाव आएगा?

