होमवकीलDelhi News: बार में सर्च के लिए पहुंचे थे, वहीं शुरू कर दी 'पार्टी', दिल्ली हाई कोर्ट ने सर्च टीम के अफसरों को लगाई फटकार
वकील

Delhi News: बार में सर्च के लिए पहुंचे थे, वहीं शुरू कर दी 'पार्टी', दिल्ली हाई कोर्ट ने सर्च टीम के अफसरों को लगाई फटकार

दिल्ली हाई कोर्ट में 'FLOS म्यूजिक बार' को डी-सील करने की याचिका पर सुनवाई के दौरान सर्च टीम के अधिकारियों की बार में शराब पीने और खाना खाने की तस्वीरें सामने आई हैं। नई दिल्ली : जिस टीम पर नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार…

18 अगस्त 2026 को 07:55 pm बजे
Delhi News: बार में सर्च के लिए पहुंचे थे, वहीं शुरू कर दी 'पार्टी', दिल्ली हाई कोर्ट ने सर्च टीम के अफसरों को लगाई फटकार

सौजन्य से:- Navbharat Times

दिल्ली हाई कोर्ट में 'FLOS म्यूजिक बार' को डी-सील करने की याचिका पर सुनवाई के दौरान सर्च टीम के अधिकारियों की बार में शराब पीने और खाना खाने की तस्वीरें सामने आई हैं।

नई दिल्ली : जिस टीम पर नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी थी, उसी के कुछ सदस्यों पर कार्रवाई के दौरान बार में खाना खाने और शराब पीने के आरोप लगे हैं। दिल्ली हाई कोर्ट में FLOS म्यूजिक बार से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान ऐसी तस्वीरें सामने आने पर कोर्ट ने अधिकारियों के आचरण पर गंभीर सवाल उठाए।

म्यूजिक बार को डी सील करने की मांग

जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस शैल जैन की डिवीजन बेंच M/S ला लागोस सैंटे हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। कंपनी ने FLOS म्यूजिक बार को डी-सील करने की मांग की है। उसका आरोप है कि बार को बिना उचित कारण सील किया गया और डी-सीलिंग के लिए आवेदन देने के बावजूद विभाग बार-बार नए रिकॉर्ड मांगकर प्रक्रिया को लटका रहा है।

कोर्ट के सामने पेश की गईं कुछ तस्वीरें

मंगलवार की सुनवाई में याचिकाकर्ता की ओर से कुछ तस्वीरें कोर्ट के सामने पेश की गईं। दावा किया गया कि तस्वीरों में सर्च टीम के सदस्य सर्च ऑपरेशन के दौरान ही बार के अंदर खाना खाते और शराब पीते नजर आ रहे हैं। तस्वीरों पर गौर करने के बाद बेंच ने कहा कि अगर ये दावे सही साबित होते हैं तो सर्च टीम की “स्वतंत्रता और निष्पक्षता” पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

कोर्ट ने अधिकारियों को दिए निर्देश

कोर्ट ने माना कि जिस टीम को निष्पक्ष तरीके से जांच और तलाशी करनी थी, उसके सदस्यों का परिसर के अंदर इस तरह का व्यवहार उनकी विश्वसनीयता प्रभावित कर सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार के सेक्रेटरी (रेवेन्यू) और डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेड एंड टैक्स के कमिश्नर को अगली सुनवाई में वर्चुअली पेश होने का निर्देश दिया है।

कब है मामले की अगली सुनवाई

दोनों अधिकारियों को सर्च टीम के आचरण और विभाग की कार्रवाई पर स्थिति स्पष्ट करनी होगी। कंपनी की ओर से वकील सौरभ डी. करण सिंह और कनिका जैन पेश हुए, जबकि सरकार की ओर से उर्वी मोहन ने पक्ष रखा। मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त यानी बुधवार को है।

लेखक के बारे मेंप्राची यादवलगभग 19 साल से पत्रकारिता में हैं। सात साल तक एक दिल्ली-एनसीआर न्यूज चैनल में विभिन्न क्षेत्रों में काम किया। प्रोग्रामिंग और एंकरिंग भी की। टीवी से ही लीगल रिपोर्टिंग की शुरुआत हुई। उस दौरान, जिला अदालतों और दिल्ली हाई कोर्ट के साथ सुप्रीम कोर्ट तक की रिपोर्टिंग की। 2013 में नवभारत टाइम्स से जुड़ीं। यहां पर शुरुआत जिला अदालतों, नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और उपभोक्ता अदालतों की रिपोर्टिंग से हुई। वर्तमान में अन्य सभी अदालतों के साथ दिल्ली हाई कोर्ट भी कवर कर रही हैं।... और पढ़ें

कन्वर्सेशन शुरू करें

Legalकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
लोक अदालत को लेकर हुई बैठक - Sheikhpura News
वकील

लोक अदालत को लेकर हुई बैठक - Sheikhpura News

राष्ट्रीय लोक अदालत में केसों के निष्पादन पर जोर - Darbhanga News
वकील

राष्ट्रीय लोक अदालत में केसों के निष्पादन पर जोर - Darbhanga News

लोक अदालत को लेकर की बैठक - Munger News
वकील

लोक अदालत को लेकर की बैठक - Munger News

पानीपत के रीपक कंसल बने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष, कोविड मुआवजा समेत कई याचिकाओं से रहे चर्चित

 - ripak kansal of panipat became the treasurer of the supreme court bar association and has been prominent in several petitions including those for covid compensation
वकील

पानीपत के रीपक कंसल बने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष, कोविड मुआवजा समेत कई याचिकाओं से रहे चर्चित - ripak kansal of panipat became the treasurer of the supreme court bar association and has been prominent in several petitions including those for covid compensation

सुप्रीम कोर्ट ने यमुना नदी के मैदान को हुए नुकसान के लिए 'आर्ट ऑफ लिविंग' को जिम्मेदार ठहराने वाले एनजीटी के आदेश को खारिज कर दिया; 5 करोड़ रुपए रिफंड का निर्देश दिया
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने यमुना नदी के मैदान को हुए नुकसान के लिए 'आर्ट ऑफ लिविंग' को जिम्मेदार ठहराने वाले एनजीटी के आदेश को खारिज कर दिया; 5 करोड़ रुपए रिफंड का निर्देश दिया

न्यायमूर्ति संजय करोल ने पद छोड़ते हुए कहा, न्यायाधीश भगवान नहीं हैं, वे हर फैसले को सही नहीं देंगे - द ट्रिब्यून
वकील

न्यायमूर्ति संजय करोल ने पद छोड़ते हुए कहा, न्यायाधीश भगवान नहीं हैं, वे हर फैसले को सही नहीं देंगे - द ट्रिब्यून

लोक अदालत और मध्यस्थता: त्वरित समाधान का मार्ग
वकील

लोक अदालत और मध्यस्थता: त्वरित समाधान का मार्ग

राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी को लेकर बैठक
वकील

राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी को लेकर बैठक

ताज़ा ख़बरें