सुप्रीम कोर्ट कैसे लेता है लंबे समय से चल रहे मामलों में फैसला? CJI सूर्यकांत ने बताया - how supreme court decide long pending cases cji surya kant explains chief justice of india samadhan samaroh ensures win win mediation
सुप्रीम कोर्ट कैसे लेता है लंबे समय से चल रहे मामलों में फैसला? CJI सूर्यकांत ने बताया भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट की 'समाधान समारोह' पहल पर जोर दिया। HighLights - समाधान समारोह मध्यस्थता से लंबित…

सौजन्य से:- Jagran
सुप्रीम कोर्ट कैसे लेता है लंबे समय से चल रहे मामलों में फैसला? CJI सूर्यकांत ने बताया
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट की 'समाधान समारोह' पहल पर जोर दिया।
HighLights
- समाधान समारोह मध्यस्थता से लंबित मामलों को सुलझाएगा।
- दोनों पक्ष जीत का एहसास कर अदालत से निकलें।
- मध्यस्थता न्यायिक प्रणाली का स्थायी हिस्सा बने: जस्टिस नरसिम्हा।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का समाधान समारोह पहल लंबित मामलों को मध्यस्थता के जरिये इस प्रकार हल करने का प्रयास करता है कि दोनों पक्षों को यह महसूस हो कि उन्होंने जीत हासिल की है।
सीजेआइ ने कहा कि उद्देश्य मध्यस्थता के जरिये हल किए जा सकने वाले मामलों का निपटारा करना है। मुझे विश्वास है कि इस पहल के तहत कई मामलों का समाधान होगा।
आकाशवाणी के एक साक्षात्कार में सीजेआइ सूर्यकांत ने कहा कि न्यायिक प्रक्रियाओं के दौरान वादियों को काफी तनाव का सामना करना पड़ता है और यह पहल उन्हें आपसी सहमति से समाधान प्रदान करने का प्रयास करती है।
सीजेआइ ने कहा, 'आवेदक न्यायिक प्रक्रियाओं के दौरान भारी तनाव का सामना करते हैं। हमारा ध्यान इस बात पर है कि दोनों पक्ष अदालत से यह महसूस करके जाएं कि वे दोनों जीत गए हैं।'
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि एक वादी सुप्रीम कोर्ट में "आखिरी उम्मीद" के साथ आता है और उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल कई मामलों में न्याय प्रदान करने में मदद करेगी।
ध्यान रहे समाधान समारोह, जो सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित मामलों के सौहार्दपूर्ण और सहमति आधारित समाधान के लिए एक राष्ट्रीय स्तर पर मध्यस्थता-प्रेरित अभ्यास है, 21 अप्रैल को शुरू हुआ और 21 से 23 अगस्त तक विशेष लोक अदालत में समाप्त होगा।
सीजेआइ ने कहा कि उन्होंने इस पहल के लिए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की एक पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर कानूनी अधिकारियों के साथ मिलकर उन मामलों की पहचान करेगी जिन्हें मध्यस्थता के माध्यम से हल किया जा सकता है।
मध्यस्थता के समाधान अधिक स्थायी और संतोषजनक : जस्टिस नरसिम्हा
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने कहा कि मध्यस्थता विवादों के समाधान के लिए अदालत द्वारा लगाए गए निर्णय की तुलना में अधिक स्थायी और संतोषजनक समाधान प्रदान करती है और यह जोर दिया कि मध्यस्थता को न्यायिक प्रणाली का स्थायी हिस्सा बनाना आवश्यक है।
जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने पेशेवर रूप से प्रशिक्षित मध्यस्थों की कमी की ओर भी इशारा किया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट के भीतर स्थायी संस्थागत विभाग की आवश्यकता है।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
यह भी पढ़ें- CJI विवाद पर AIYAA ने मांगा बार काउंसिल के चेयरमैन का इस्तीफा, कहा- लीगल कॉकरोच आ रहे हैं
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