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राहुल गांधी की संपत्ति के केस में सुप्रीम कोर्ट से CBI-ED रिपोर्ट पर रोक,इलाहाबाद HC की कार्यवाही CJI बेंच ने टाली

राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट से कहा कि वह इस मामले में चल रही कार्यवाही को फिलहाल टाल दे। हाई कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ सीबीआई - ईडी जांच की म…

17 अगस्त 2026 को 12:55 pm बजे
राहुल गांधी की संपत्ति के केस में सुप्रीम कोर्ट से CBI-ED रिपोर्ट पर रोक,इलाहाबाद HC की कार्यवाही CJI बेंच ने टाली

सौजन्य से:- Navbharat Times

राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट से कहा कि वह इस मामले में चल रही कार्यवाही को फिलहाल टाल दे। हाई कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ सीबीआई - ईडी जांच की मांग की गई है। लाइवलॉ के अनुसार इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की ओर से आरोपों की जांच के लिए सीबीआई और ईडी को जांच के निर्देश दिए जाने के खिलाफ राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं।

ईडी-सीबीआई की कोई रिपोर्ट हाई कोर्ट में जमा करने पर रोक

- सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई सूर्यकांत की अगुवाई वाली जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई करते हुए ईडी और सीबीआई की ओर से इस केस में कोई भी रिपोर्ट हाई कोर्ट में जमा करने पर भी रोक लगा दी है।

- जब बेंच को यह जानकारी दी गई कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस मामले पर 20 अगस्त को सुनवाई की तारीख तय कर रखी है तो सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगले आदेश तक वह इसपर अपनी कार्यवाही टाल दे।

- लोकसभा में विपक्ष के नेता ने एक अलग याचिका में इस केस को इलाहाबाद हाई कोर्ट से दिल्ली हाई कोर्ट में ट्रांसफर करने की भी गुहार लगाई है।

राहुल गांधी के पक्ष में कपिल सिब्बल ने दी दलील

- इस केस में राहुल गांधी की पैरवी राज्यसभा सांसद और सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल कर रहे हैं। उन्होंने दलील दी कि हाई कोर्ट की कार्यवाही 'कानून के लिए अनजान है' और कानून द्वारा गैर-निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से साजिश के तहत निशाना बनाना है।'

- कपिल सिब्बल ने इस मामले में याचिकाकर्ता के मुकदमे का अधिकार और नीयत पर भी सवाल उठाया है। उनका आरोप है कि वह बार-बार राहुल गांधी के खिलाफ याचिकाएं दायर कर रहा है।

- राहुल के वकील के मुताबिक हाई कोर्ट में याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर ने यह बात छिपाई कि वह एक आरएसएस कार्यकर्ता है और हाई कोर्ट का एक और आदेश भी है जिसमें उसकी आलोचना की जा चुकी है।

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि नैचुरल जस्टिस का पालन करना होगा

- एडिश्नल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने अदालत से कहा कि सीबीआई इस मामले में सिर्फ शिकायतों की जांच कर रही है और आरोपों को 'बहुत ही गंभीर' बताया। वहीं सिब्बल ने कहा कि याचिकाकर्ता शिशिर ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में कोई कैविएट नहीं डाला है।

- वहीं सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि अदालत को कोई आदेश जारी करने से पहले नैचुरल जस्टिस के सिद्धांत का पालन करना होगा।

- अदालत ने सीबीआई और ईडी पर सवाल उठाया कि अगर कोई गंभीर आरोप थे तो उसने कोर्ट के निर्देशों के लिए इंतजार क्यों किया। जस्टिस बागची ने कहा, 'अगर यह इतना गंभीर है, तो आपकी एजेंसी चुप क्यों रही? क्या आपको कोर्ट से प्रेरित होने की जरूरत है।'

- आखिरकार कोर्ट ने याचिकाओं पर नोटिस जारी करते हुए अंतरिम आदेश जारी कर दिया।

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