सौरभ भारद्वाज के खिलाफ मानहानि मामले में दो गवाहों के बयान दर्ज, अब आठ तारीख पर तीसरे गवाह का बयान
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा मित्तल की अदालत में शिकायतकर्ता प्रवेश वर्मा की ओर से दो गवाहों के बयान दर्ज हुए। गवाहों ने बताया कि सौरभ भारद्वाज की इंटरनेट मीडिया पोस्ट और वीडियो से उन्हें गहरा झटका लगा। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई आठ जुलाई को तय की है।

सौजन्य से:- Jagran
AAP नेता सौरभ भारद्वाज की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, मानहानि मामले में प्रवेश वर्मा ने अदालत में पेश किए साक्ष्य
राउज एवेन्यू कोर्ट में मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा सौरभ भारद्वाज के खिलाफ दायर मानहानि मामले में दो गवाहों के बयान दर्ज किए गए। गवाहों ने सौरभ भारद्वाज ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राउज एवेन्यू स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज के खिलाफ दायर मानहानि शिकायत में बुधवार को शिकायत पक्ष के दो गवाहों के बयान दर्ज किए।
दोनों गवाहों ने अदालत में कहा कि सौरभ भारद्वाज की इंटरनेट मीडिया पोस्ट देखकर उन्हें गहरा झटका लगा और इससे प्रवेश वर्मा व उनके परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। मामले में अब तीसरे गवाह का बयान 25 जुलाई को दर्ज किया जाएगा।
स्कूल या ट्रस्ट से संबंध होने से इनकार
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) नेहा मित्तल की अदालत में शिकायतकर्ता की ओर से कुलभूषण जैन और शक्ति सिंह सहरावत के बयान दर्ज किए गए। दोनों गवाहों ने कहा कि उन्होंने सौरभ भारद्वाज की इंटरनेट मीडिया पोस्ट और वीडियो देखी थी, जिसके बाद उन्होंने प्रवेश वर्मा से इस संबंध में जानकारी ली। प्रवेश वर्मा ने उन्हें बताया कि उनका एसएस मोटा सिंह स्कूल या उससे जुड़े ट्रस्ट से कोई संबंध नहीं है।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 25 जुलाई तय की है, जब शिकायत पक्ष के तीसरे गवाह का बयान दर्ज किया जाएगा।
इससे पहले चार जुलाई को प्रवेश वर्मा ने स्वयं अदालत में बयान दर्ज कराते हुए कहा था कि मई 2026 में सौरभ भारद्वाज ने एक्स, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर उनके खिलाफ झूठे और मानहानिकारक आरोप लगाए, जिससे उनकी और उनके परिवार की सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा।
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झूठे आरोपों से लोगों में पैदा हुआ भ्रम
प्रवेश वर्मा ने अदालत को बताया था कि उनके मित्रों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें इंटरनेट मीडिया पोस्ट के लिंक भेजे। कई परिचितों ने उनसे इन आरोपों के बारे में सवाल भी किए और कुछ लोगों को यह विश्वास हो गया था कि वह स्कूल से जुड़े पॉक्सो मामले में शामिल हैं।
शिकायत में प्रवेश वर्मा ने आरोप लगाया है कि सौरभ भारद्वाज ने झूठा प्रचार किया कि वह एसएस मोटा सिंह स्कूल ट्रस्ट से जुड़े हैं, आरोपित की मदद कर रहे हैं और ट्रस्ट में नियुक्तियों में उनकी भूमिका रही है। प्रवेश वर्मा ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनका या उनके परिवार का स्कूल व ट्रस्ट से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि कानूनी नोटिस भेजे जाने के बावजूद सौरभ भारद्वाज ने न तो उनसे संपर्क किया और न ही माफी मांगी। शिकायत के साथ प्रवेश वर्मा ने 15 मई 2026 के वीडियो और सौरभ भारद्वाज के एक्स पोस्ट भी अदालत में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए हैं।
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