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नशा तस्करी के मामले में कोर्ट का अहम फैसला, दोषी को 2 साल की सश्रम कैद

खटीमा क्षेत्र में साल 2018 में दर्ज चरस तस्करी के मामले में विशेष अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया है और दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

23 जुलाई 2026 को 04:14 am बजे
नशा तस्करी के मामले में कोर्ट का अहम फैसला, दोषी को 2 साल की सश्रम कैद

सौजन्य से:- ETV Bharat

6 साल पुराने चरस तस्करी मामले में कोर्ट का अहम फैसला, दोषी तस्कर को सुनाई 2 साल सश्रम कारावास की सजा

चरस तस्करी के मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने दोषी को दो वर्ष की सश्रम कैद की सजा सुनाई है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : July 23, 2026 at 9:15 AM IST

रुद्रपुर: खटीमा क्षेत्र में साल 2018 में दर्ज चरस तस्करी के मामले में विशेष एनडीपीएस अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है. लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) दीपाली शर्मा की अदालत ने आरोपी को दो वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई. न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि यदि आरोपी निर्धारित जुर्माना अदा नहीं करता है तो उसे तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भी भुगतना होगा.

अभियोजन के अनुसार, 29 जून 2018 को खटीमा कोतवाली पुलिस क्षेत्र में नियमित गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी कर रही थी. इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम कुटरा स्थित एक दुकान के बाहर बैठा एक व्यक्ति अवैध रूप से चरस की बिक्री कर रहा है. सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और तत्कालीन क्षेत्राधिकारी कमला बिष्ट की मौजूदगी में मौके पर पहुंचकर संदिग्ध व्यक्ति की घेराबंदी की. पुलिस ने नियमानुसार तलाशी की कार्रवाई की, जिसमें आरोपी की जेब से 720 ग्राम अवैध चरस बरामद हुई.

इसके अलावा मौके से एक तराजू और बाट भी बरामद किए गए, जिनका उपयोग मादक पदार्थ को तौलकर बेचने के लिए किया जा रहा था. बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में कोतवाली खटीमा में मुकदमा दर्ज किया.जांच अधिकारी ने मामले की विस्तृत विवेचना करते हुए साक्ष्य एकत्र किए और सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया. मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) दीपाली शर्मा की अदालत में हुई, जहां अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान, बरामदगी से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए.

सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहन परीक्षण किया. उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया और उसके विरुद्ध सजा का आदेश पारित किया. अदालत ने आरोपी को दो वर्ष के सश्रम कारावास तथा 20 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया. साथ ही यह भी निर्देश दिया कि जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा.यह फैसला नशा तस्करी के विरुद्ध चल रही कानूनी कार्रवाई को और मजबूती देने वाला माना जा रहा है.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. वहीं, न्यायालय के इस निर्णय को नशा तस्करों के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है कि कानून के शिकंजे से बच पाना संभव नहीं है और ऐसे अपराधों में दोष सिद्ध होने पर सख्त सजा तय है.

बाल यौन शोषण मामले में कार्रवाई: उधम सिंह नगर में फेसबुक के माध्यम से कथित रूप से बाल यौन शोषण से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री साझा करने के मामले में पुलिस ने एक युवक के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67बी के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. यह कार्रवाई राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) की TIPLINE से प्राप्त सूचना के आधार पर की गई है. पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच की जा रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है.

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