होममुकदमेकौशांबी में राष्ट्रीय लोक अदालत: 12 सितंबर को 35 हजार मामलों का सुलह‑समझौता लक्ष्य, जमीन व चालान विवादों पर भी निर्णय
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कौशांबी में राष्ट्रीय लोक अदालत: 12 सितंबर को 35 हजार मामलों का सुलह‑समझौता लक्ष्य, जमीन व चालान विवादों पर भी निर्णय

12 सितंबर को कौशांबी के कोर्ट परिसर में अतिरिक्त जिला जज और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लगभग 35 हजार लंबित एवं प्रारंभिक विवादों को आपसी समझौते से सुलझाने की योजना है। इस सत्र में मोटर दुर्घटना दावे, पारिवारिक झगड़े, बैंक वसूली, एनआई एक्ट से जुड़े मामले और साथ ही जमीन व चालान संबंधी विवाद भी पक्षों की सहमति से निपटाए जाएंगे। पिछले लोक अदालत में 31 हजार मामलों का निपटारा हुआ था, और अधिकारियों ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे समझौते योग्य केस लेकर आएँ, ताकि लंबी मुकदमा प्रक्रिया से बचा जा सके।

12 सितंबर 2026 को 05:04 am बजे
कौशांबी में राष्ट्रीय लोक अदालत: 12 सितंबर को 35 हजार मामलों का सुलह‑समझौता लक्ष्य, जमीन व चालान विवादों पर भी निर्णय

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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कौशांबी में आज राष्ट्रीय लोक अदालत:35 हजार मामलों के समझौते से निपटारे का लक्ष्य, जमीन विवाद तक होंगे फैसले

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कौशांबी में आज यानी 12 सितंबर को कोर्ट परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। अपर जिला जज और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष की अध्यक्षता में होने वाली लोक अदालत में लंबित मामलों के साथ मुकदमा दर्ज होने से पहले के विवाद भी आपसी समझौते से निपटाए जाएंगे।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव प्रिया सिंह ने बताया कि लोक अदालत में ऐसे मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनका समाधान दोनों पक्षों की सहमति से संभव है। पिछली लोक अदालत में करीब 31 हजार मामलों का निपटारा हुआ था। इस बार करीब 35 हजार मामलों को सुलह-समझौते के जरिए खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है।

राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद, बैंक वसूली और एनआई एक्ट से जुड़े मामलों का निपटारा किया जाएगा। इसके अलावा बिजली, श्रम और दूसरे समझौते योग्य मामलों को भी दोनों पक्षों की सहमति से खत्म करने की कोशिश होगी।

जमीन विवाद और चालान भी समझौते से निपटेंगे

लोक अदालत में जमीन से जुड़े विवाद और चालान के मामलों को भी शामिल किया गया है। ऐसे मामलों में पक्षकारों की सहमति के आधार पर समाधान कराया जाएगा। इसका उद्देश्य लंबे समय से चल रहे विवादों को आपसी सहमति से जल्द खत्म करना है।

पिछली लोक अदालत में 31 हजार मामले निपटे

सचिव प्रिया सिंह ने बताया कि पिछली राष्ट्रीय लोक अदालत में जिले में करीब 31 हजार मामलों का निपटारा किया गया था। इस बार करीब 35 हजार मामलों को सुलह-समझौते से निपटाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए संबंधित मामलों को लोक अदालत में रखा जाएगा।

लोगों से समझौते योग्य मामले लाने की अपील

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जिले के लोगों से अपील की है कि वे अपने समझौते योग्य मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में लेकर आएं। इससे मामलों का समाधान आपसी सहमति से जल्दी हो सकेगा और लोगों को लंबे समय तक मुकदमे की प्रक्रिया से गुजरने से राहत मिल सकती है।

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