आईआईटी से रामादेवी तक राष्ट्रीय राजमार्ग अतिक्रमण मुक्त
कानपुर में आईआईटी से रामादेवी तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर मौजूद अतिक्रमणों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हटाने के लिए जिला प्रशासन ने एक अभियान शुरू किया है।

सौजन्य से:- ETV Bharat
कानपुर आईआईटी से रामादेवी तक 2500 से अधिक अतिक्रमण चिह्नित, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अब हटेंगे
कानपुर जिला प्रशासन व अन्य विभागों की ओर से अतिक्रमण विरोधी अभियान शुरू होगा. रास्ता खाली होने से यातायात का बेहतर ढंग से संचालन होगा.
By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : June 25, 2026 at 11:27 AM IST
कानपुर: शहर में पिछले काफी समय से आईआईटी से रामादेवी तक राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे अवैध अतिक्रमण दूर से ही दिखता है. ऐसे में जब इस जीटी रोड से वाहन सवार गुजरते हैं, तो उन्हें रोजाना घंटों जाम में फंसना पड़ता है.
अतिक्रमण खत्म कराने के लिए जिला प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस, कमिश्नरेट पुलिस के अफसरों ने बहुत उपाय तो किए, लेकिन परिणाम कभी सार्थक नहीं हुए. हालांकि अब चिन्हित 2500 से अधिक अतिक्रमणों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के 13 अप्रैल 2026 के निर्देशों के अनुपालन में कार्रवाई होगी.
सड़क पर अतिक्रमण के साथ ही जिन लोगों ने अपने घर-दुकान बना ली हैं, उन्हें भी ढहाया जाएगा. इसे लेकर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने अधीनस्थ अफसरों को सख्त निर्देश दिए हैं और कहा, जल्द से जल्द रामादेवी से लेकर आईआईटी तक मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराएं.
कई स्थानों पर दुकानें संचालित, कई ने किराए पर उठा रखीं दुकानें: सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में बैठक करते हुए डीएम कानपुर जितेंद्र प्रताप सिंह से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया आईआईटी से रामादेवी तक राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे ढाई हजार से अधिक अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं.
कई स्थानों पर स्थायी निर्माण कर दुकानें संचालित की जा रही हैं, जबकि कुछ मामलों में अतिक्रमणकर्ता द्वारा भूमि पर अवैध निर्माण कर उसे किराए पर भी दिया गया है.
डीएम ने इतना सुनने के बाद कहा, टास्क फोर्स का गठन करिए और पूरे रास्ते को अतिक्रमण मुक्त करिए। डीएम ने ये भी कहा, जिन अतिक्रमित स्थलों पर स्थायी निर्माण कर बिजली के कनेक्शन लिए गए हैं, उनके संबंध में भी नियमानुसार कार्रवाई करें. बोले अतिक्रमण करने वालों की सूची केस्को को उपलब्ध कराई जाए। जिससे उनका बिजली का कनेक्शन काटा जा सके.
मई में बिना हेलमेट 32261 के चालान, 10304 ने गलत दिशा में चलाई गाड़ी: यातायात प्रवर्तन की समीक्षा के दौरान अफसरों ने डीएम को बताया मई माह में बिना हेलमेट वाहन चलाने के 32,631, ओवरस्पीड के 10,252, रॉन्ग साइड ड्राइविंग के 10,304, बिना सीट बेल्ट के 767, ड्रंक एंड ड्राइविंग के 340 तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के प्रयोग के 276 चालान किए गए.
वहीं मॉडिफाइड साइलेंसर एवं प्रेशर हॉर्न के खिलाफ 5,559 मामलों में प्रवर्तन कार्रवाई की गई. गंभीर यातायात उल्लंघनों के 38 मामलों में वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित किए गए.
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
भारत और रूस ने अदालती सहयोग के क्षेत्र में करार किया

सजा तय करते समय समान आपराधिक आचरण के बिना लंबा समय बीतना प्रासंगिक: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट: विधानमंडल कानून में संशोधन करने और नियमों को अवैध बनाने की शक्ति नहीं रोक सकती

भारत और रूस के सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सहयोग के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए

भारत और रूस के बीच न्यायिक सहयोग में नए अध्याय की शुरुआत

भारत और रूस के सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

दुर्घटना में माता-पिता के नुकसान का मात्र गणित से मूल्यांकन असंभव: सर्वोच्च अदालत

भारतीय, रूसी सुप्रीम कोर्ट ने एआई, न्यायपालिका में तकनीक पर सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, संयुक्त कार्य समूह की योजना बनाई - इंडिया लीगल
ताज़ा ख़बरें
- 2026 लाइवलॉ (एससी) 642 | सराफत अली (मृत) एलआर एवं अन्य के माध्यम से। वी. उप निदेशक चकबंदी, हरिद्वार एवं अन्य।
- अब 7 करोड़ चालान के बोझ तले दबी वर्चुअल अदालत
- अयोध्या सांसद ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग, ट्रस्ट भंग करने की भी उठाई आवाज
- VIDEO: राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो : सांसद अवधेश प्रसाद
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एक्शन में एमसीडी, द्वारका में नवंबर तक बनकर तैयार होगा 1500 क्षमता वाला 'डॉग शेल्टर'!
- 2026 लाइवलॉ (एससी) 621 | आयुक्त, ब्रुहत बैंगलोर महानगर पालिका बनाम के.के. उमेश कुमार एवं अन्य
- सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ने जैकलीन फर्नांडिस केस से खुद को अलग किया
- राम मंदिर चंदा विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया

