उत्तराखंड में मोटर वाहन नियमों में 20 पुराने प्रावधान हटाकर 14 नए लागू, सरकार को प्रस्ताव भेजा
केंद्र सरकार द्वारा किए गए मोटर वाहन अधिनियम के संशोधन अभी उत्तराखंड में प्रभावी नहीं हुए हैं, जिसमें 34 मौजूदा प्रावधानों में से 20 को हटाकर केवल 14 नए नियमों को लागू किया जाएगा। राज्य सरकार ने इन नए नियमों को लागू करने हेतु केंद्र को प्रस्ताव भेजा है; अनुमोदन और अधिसूचना जारी होने के बाद ही इन पर कार्रवाई शुरू होगी।

सौजन्य से:- jagran.com
उत्तराखंड में बदलेंगे मोटर वाहन कानून: 20 पुराने नियम हटाकर 14 नए होंगे लागू, शासन को भेजा प्रस्ताव
उत्तराखंड में केंद्र सरकार द्वारा संशोधित मोटर वाहन कानून अभी प्रभावी नहीं हुए हैं, जिसके तहत 20 पुराने कानून हटाकर ...और पढ़ें
HighLights
- उत्तराखंड में मोटर वाहन कानून संशोधन अभी प्रभावी नहीं
- 20 पुराने कानून हटाकर 14 नए नियम लागू होंगे
- लागू करने हेतु शासन को प्रस्ताव भेजा गया है
राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। केंद्र सरकार की ओर से मोटर वाहन कानूनों में किए गए संशोधन उत्तराखंड में अभी प्रभावी नहीं हुए हैं। इन संशोधन के तहत मोटर यान अधिनियम में प्रभावी 34 कानूनों में से 20 कानून हटा दिए गए हैं। अब नए 14 कानूनों के अनुसार ही यातायात के नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना देना होगा।
इन प्रावधानों को प्रदेश में लागू करने के लिए राज्य सरकार की ओर से अधिसूचना जारी करनी हैं। इसके लिए परिवहन मुख्यालय ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। शासन की अनुमति के बाद अधिसूचना जारी होने पर ही नए नियम प्रदेश में लागू हो सकेंगे।
राज्य में अब केवल 14 नए परिवहन कानून ही होंगे लागू
केंद्रीय स्तर पर किए गए संशोधनों में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई को सख्त किया गया है। इनमें तेज रफ्तार से वाहन चलाने, दुर्घटना के बाद वाहन चालक के मौके से चले जाने, लाइसेंस से जुड़े नियमों तथा एग्रीगेटर सेवाओं के निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने पर आर्थिक दंड का प्रविधान शामिल है। हिट एंड रन मामलों में दुर्घटना के बाद चालक की जिम्मेदारी तय करने और पीड़ित को सहायता उपलब्ध कराने से जुड़े प्रावधानों को भी सख्त किया गया है।
संशोधन लागू करने के लिए शासन को भेजा गया प्रस्ताव
दुर्घटना के बाद मौके से भागने के मामलों में जुर्माने का प्रविधान किया गया है। सड़क सुरक्षा से जुड़े अन्य उल्लंघनों में भी जुर्माने की व्यवस्था को प्रभावी बनाया गया है। मोटर वाहन कानून में एग्रीगेटर को डिजिटल माध्यम से यात्रियों को वाहन सेवा उपलब्ध कराने वाली व्यवस्था के रूप में विनियमित करने तथा उसके लिए लाइसेंस और निर्धारित मानकों का पालन जरूरी किया गया है। वहीं, पुराने कानूनों में शामिल जेल भेजे जाने संबंधी सख्त मानकों में शिथिलता दी गई है।
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अपर परिवहन आयुक्त एसके सिंह ने कही ये बात
अपर परिवहन आयुक्त एसके सिंह का कहना है कि फिलहाल इन संशोधित प्रावधानों के स्थान पर पूर्व व्यवस्था के तहत कार्रवाई हो रही है। शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। अधिसूचना जारी होने के बाद ही परिवहन विभाग नए प्रावधानों के अनुरूप प्रवर्तन कार्रवाई शुरू कर सकेगा।
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