हाथरस में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, तेज़ निपटान के लिए न्यायिक अधिकारियों ने किया व्यापक समन्वय
हाथरस में 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता हेतु मंगलवार को न्यायिक अधिकारियों की बैठक हुई, जहाँ नोडल अधिकारी प्रशांत कुमार ने मामलों की समीक्षा कर आपसी सहमति से सुलह योग्य मामलों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। बैठक में जनपद न्यायाधीश, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों और कई जज उपस्थित थे, जिन्होंने समय पर नोटिस भेजने और पुराने मुकदमों को शीघ्र निपटाने की रणनीति पर चर्चा की।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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राष्ट्रीय लोक अदालत में ज्यादा मामले निपटाने पर जोर:हाथरस में 12 सितंबर को होगी लोक अदालत, न्यायिक अधिकारियों की बैठक
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हाथरस में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत लगने वाली है। इसे सफल बनाने और ज्यादा से ज्यादा मामलों को निपटाने के लिए मंगलवार को न्यायिक अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में लोक अदालत के लिए चुने गए मामलों की समीक्षा की गई। साथ ही, ऐसे मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए, जिन्हें आपसी सहमति से निपटाया जा सकता है।
यह बैठक उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के आदेश पर हुई। जनपद न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष विनय कुमार के निर्देश पर हाथरस के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने इसे आयोजित किया। अपर जनपद न्यायाधीश और राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी प्रशांत कुमार ने बैठक की अध्यक्षता की। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनु चौधरी भी वहां मौजूद थीं।
नोडल अधिकारी प्रशांत कुमार ने न्यायिक अधिकारियों से राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटाए जाने वाले मामलों की जानकारी ली और उनकी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि ज्यादा से ज्यादा ऐसे मामले चुने जाएं, जिन्हें लोक अदालत में निपटाया जा सके। इसके अलावा, संबंधित पक्षों को समय पर नोटिस भेजने पर भी जोर दिया गया।
प्रशांत कुमार ने कहा कि अदालतों में लंबे समय से अटके पुराने मामले, जिनमें आपसी सहमति से समझौता हो सकता है, उनमें पक्षों को सुलह के लिए राजी किया जाए। ऐसे मामलों को चुनकर राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटाने के लिए हर कोशिश की जाए। इससे पक्षों को जल्दी न्याय मिलेगा और लंबित मामलों की संख्या भी कम होगी।
बैठक में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपक नाथ सरस्वती, सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग)/एफटीसी ईशा अग्रवाल, सिविल जज (कनिष्ठ प्रभाग) सारांश शर्मा, न्यायिक मजिस्ट्रेट खुशबू चंद्रा, सिविल जज (कनिष्ठ प्रभाग)/एफटीसी-2 अरिजीत सिंह, सिविल जज (कनिष्ठ प्रभाग)/एफटीसी-1 रोबिन कुमार और अपर सिविल जज (कनिष्ठ प्रभाग) सादाबाद शिव कुमार यादव समेत कई अन्य न्यायिक अधिकारी मौजूद थे।
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