होम›कानून›ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बाहर गुस्से की चुनौती: किसानों ने प्रदर्शन कर नए अधिग्रहण भूमि कानून और मुआवज़े की मांगी गई बातों को बढ़ावा देना
कानून
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बाहर गुस्से की चुनौती: किसानों ने प्रदर्शन कर नए अधिग्रहण भूमि कानून और मुआवज़े की मांगी गई बातों को बढ़ावा देना
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर शुक्रवार को किसानों ने प्रदर्शन किया है। उनकी मांग है कि नए भूमि अधिग्रहण कानून को अपनाया जाए और उनको समधान किया जाए।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
Farmers protest in Greater Noida demanding new land acquisition law and compensation updates. Follow Dainik Bhaskar. किसान संघर्ष मोर्चा आज शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर एक महापंचायत आयोजित करेगा। इसमें किसान सभा, किसान एकता संघ और किसान परिषद सहित कई अन्य संगठन शामिल होंगे।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
कानून
मानगो चौक में राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जागरूकता रथ अभियान

कानून
हरियाणा में 12 सितंबर को ट्रैफिक ई‑चालान निपटाने लोक अदालत, कार‑बाइक मालिकों के लिए अवसर

कानून
महराजगंज में अवकाशकालीन सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए डीएम‑एसपी ने अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश

कानून
लोक अदालत में अधिक मामलों का निपटारा बढ़ाने पर जोर

कानून
सत्य निकेतन हादसे के बाद अतिरिक्त मंजिलों को सील करने में सरकारी नियमों की अड़चन

कानून
हमारी नदियों की ज़िन्दगी के लिए एक नया दृष्टिकोण

कानून
नदियों की संकट स्थिति: जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जनसंख्या दबाव से बढ़ रही चुनौतियाँ

कानून
वाराणसी में पेंशनधारकों के लिए 15 दिसंबर को पेंशन अदालत का संचालन
ताज़ा ख़बरें
- जलवायु परिवर्तन और जनसंख्या दबाव से नदियों की बिगड़ती स्थिति—इन्हें इंसान मानना बदल सकता है?
- नदियों को मानवीय दृष्टिकोण से देखें: जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जनसंख्या का बढ़ता दबाव
- नदियाँ भी मनुष्य हैं: उनके संकट पर नया दृष्टिकोण
- कुशीनगर में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, बैंक‑ऋण व पारिवारिक विवाद सुलह‑समझौते से सुलझेंगे
- रक्तरंजित धारा: जलवायु‑परिवर्तन, प्रदूषण और जनसंख्या दबाव से नदियों की संकटग्रस्त स्थिति
- विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार हेतु जागरूकता रैली निकाली
- नदियों को मानवीकृत करें? क्या इससे जल संकट में बदलाव आ सकता है?
- नदियों की दुविधा: जलवायु, प्रदूषण और जनसंख्या के साथ संघर्ष

