बिहार के स्कूल‑विश्वविद्यालयों के 9,665 लंबित मामलों का निपटारा लोक अदालत में होगा
पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर 12 सितंबर को मुजफ्फरपुर में आयोजित लोक अदालत में बिहार के स्कूलों और विश्वविद्यालयों के कुल 9,665 लंबित मुकदमों को सुनाया जाएगा। अधिकांश मामलों में सेवा‑निवृत्ति लाभ संबंधी विवाद हैं, और 2025 में सबसे अधिक 2,179 केस पेंडिंग हैं। यह उपाय शैक्षणिक संस्थानों पर मुकदमेबाजी का बोझ घटाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

सौजन्य से:- Hindustan
स्कूल और सभी विश्वविद्यालय पर 10 हजार मामले लंबित, लोक अदालत में भेजने का निर्देश
पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर 12 सितंबर को मुजफ्फरपुर में लोक अदालत में बिहार के स्कूल और विश्वविद्यालयों के 9665 लंबित मुकदमे निपटाये जाएंगे। इनमें अधिकांश मामले सेवा निवृत्ति लाभ से संबंधित हैं। 2025 में सर्वाधिक 2179 केस लंबित हैं। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों और स्कूलों पर से मुकदमें का भार कम करना है।
मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता राज्य के विश्वविद्यालय और स्कूलों के लंबित मुकदमे 12 सितंबर को लगनी वाली लोक अदालत में निपाटाये जायेंगे। पटना हाईकोर्ट ने इसका निर्देश दिया है। इस बारे में सभी विवि को पत्र भी भेजा गया है। बिहार के स्कूल और विवि मिलाकर कुल 9665 मामले वर्ष 2002 से 2026 तक लंबित हैं। इनमें ज्यादातर मामले सेवा निवृत्ति लाभ के हैं साथ में कुछ मामले अवमानना के भी हैं। बीआरएबीयू में भी कई केस इन वर्षों के लंबित हैं। विवि प्रशासन इनमें से कुछ मामलों का लोक अदालत में निपटायेगी। लंबित मामलों में सबसे अधिक 2025 के हैं। वर्ष 2025 में स्कूल और सभी सभी विवि मिलाकर 2179 केस लंबित हैं।
बिहार के कई विश्वविद्यालयों के द्वार पारित कई आदेशों पर हाल में कोर्ट से रोक लगी है। सूत्रों का कहना है कि लंबित मामलों को जल्द खत्म करने के लिए इन्हें लोक अदालत में लेकर जाया जायेगा ताकि विवि और स्कूलों पर से मुकदमों का भार खत्म हो सके।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
मानगो चौक में राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जागरूकता रथ अभियान

हरियाणा में 12 सितंबर को ट्रैफिक ई‑चालान निपटाने लोक अदालत, कार‑बाइक मालिकों के लिए अवसर

महराजगंज में अवकाशकालीन सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए डीएम‑एसपी ने अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश

लोक अदालत में अधिक मामलों का निपटारा बढ़ाने पर जोर

सत्य निकेतन हादसे के बाद अतिरिक्त मंजिलों को सील करने में सरकारी नियमों की अड़चन

हमारी नदियों की ज़िन्दगी के लिए एक नया दृष्टिकोण

नदियों की संकट स्थिति: जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जनसंख्या दबाव से बढ़ रही चुनौतियाँ

वाराणसी में पेंशनधारकों के लिए 15 दिसंबर को पेंशन अदालत का संचालन
ताज़ा ख़बरें
- जलवायु परिवर्तन और जनसंख्या दबाव से नदियों की बिगड़ती स्थिति—इन्हें इंसान मानना बदल सकता है?
- नदियों को मानवीय दृष्टिकोण से देखें: जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जनसंख्या का बढ़ता दबाव
- नदियाँ भी मनुष्य हैं: उनके संकट पर नया दृष्टिकोण
- कुशीनगर में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, बैंक‑ऋण व पारिवारिक विवाद सुलह‑समझौते से सुलझेंगे
- रक्तरंजित धारा: जलवायु‑परिवर्तन, प्रदूषण और जनसंख्या दबाव से नदियों की संकटग्रस्त स्थिति
- विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार हेतु जागरूकता रैली निकाली
- नदियों को मानवीकृत करें? क्या इससे जल संकट में बदलाव आ सकता है?
- नदियों की दुविधा: जलवायु, प्रदूषण और जनसंख्या के साथ संघर्ष

