विनेश फोगाट मामले में बड़ा झटका, डब्ल्यूएफआई को सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने चयन ट्रायल में भाग लेने के दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली डब्ल्यूएफआई की याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि याचिका अब निष्प्रभावी है, क्योंकि हाई कोर्ट के आदेश की टिप्पणियों को हटाने के लिए कभी भी निर्देश नहीं दिए गए।

सौजन्य से:- Jagran
विनेश फोगाट मामले में WFI को लगा बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें विनेश फोगाट को चयन ट्रायल में भाग लेने के दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश क ...और पढ़ें
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पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें महिला पहलवान विनेश फोगाट को चयन ट्रायल में भाग लेने के दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने बाद के घटनाक्रमों को देखते हुए इस याचिका को निष्प्रभावी करार दिया।
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ ने हाई कोर्ट द्वारा की गई टिप्पणियों पर विचार करने से इन्कार करते हुए कहा कि इस अदालत के फैसले को हाई कोर्ट के आदेश में की गई टिप्पणियों और निष्कर्षों की पुष्टि के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
हाई कोर्ट के आदेश में की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को हटाने का निर्देश दिए बिना पीठ ने कहा कि सभी मुद्दे अभी भी खुले हैं और डब्ल्यूएफआई की याचिका को खारिज कर दिया। डब्ल्यूएफआई की ओर से पेश वरिष्ठ वकील डीएन गोबर्धन ने कहा कि फोगाट को चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी गई थी, लेकिन वह सफल नहीं हो पाईं।
कोर्ट ने खारिज का याचिका
वरिष्ठ वकील ने पीठ से कहा वह सफल तो नहीं हुईं, लेकिन उन्होंने वहां काफी हंगामा खड़ा कर दिया। पीठ ने उनसे कहा कि यह मुद्दा अब निष्प्रभावी हो चुका है। गोबर्धन ने दलील दी कि हाई कोर्ट ने महासंघ के फैसलों के संबंध में कुछ टिप्पणियां की थीं, जिनमें उन्हें बदनीयत और निंदनीय बताया गया था।
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वरिष्ठ वकील ने कहा कि ये सभी टिप्पणियां हटाई जानी चाहिए, क्योंकि यह मामला अभी भी एकल पीठ के समक्ष लंबित है। इसके बाद शीर्ष अदालत ने इन सवालों को खुला छोड़ दिया और याचिका को निष्प्रभावी करार देते हुए उसका निपटारा कर दिया। 29 मई को शीर्ष अदालत ने फोगाट को 30 और 31 मई को होने वाले 2026 एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी थी।
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