हाईकोर्ट ने मांगी आवारा कुत्तों की कार्रवाई की रिपोर्ट, सरकार ने छह महीने में 15,000 से अधिक नसबंदी‑टीकाकरण किया
मध्य प्रदेश में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से सुरक्षा उपायों और नसबंदी‑टीकाकरण की जानकारी माँगी। राज्य ने बताया कि पिछले छह महीनों में 15,000 से अधिक कुत्तों का नसबंदी‑टीकाकरण हो चुका है और कचरा प्रबंधन व फीडिंग पर भी निर्देश जारी किए हैं। इन विवरणों की समीक्षा 3 नवंबर को की जाएगी और रिपोर्ट को 17 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट को भेजा जाएगा।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
- Hindi News
- Local
- Mp
- Jabalpur
- MP High Court Stray Dog Sterilization Report | Supreme Court Update
हाईकोर्ट ने पूछा-एमपी में आवारा कुत्तों पर क्या कार्रवाई हुई?:रिपोर्ट मांगी, सुप्रीम कोर्ट को भेजी जाएगी; सरकार बोली-छह महीने में 15 हजार का नसबंदी-टीकाकरण किया
- कॉपी लिंक
मध्य प्रदेश में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या और उनसे जुड़ी घटनाओं को लेकर हाईकोर्ट ने सरकार से सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा के इंतजामों की जानकारी मांगी है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में दर्ज स्वतः संज्ञान जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच 3 नवंबर को दोपहर 2:30 बजे सरकार की रिपोर्ट की समीक्षा करेगी।
इसके बाद हाईकोर्ट की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को भेजी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को प्रस्तावित है।
सोमवार को सुनवाई के दौरान अदालत मित्र वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रायन डिसिल्वा ने सरकार की ओर से उठाए गए कदमों को संतोषजनक बताया। इस पर डिवीजन बेंच ने कहा कि 3 नवंबर को रिपोर्ट पर अंतिम सुनवाई कर आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
आवारा श्वानों की समस्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त 2025 और 7 नवंबर 2025 को कई निर्देश जारी किए थे। इसके बाद 19 मई 2026 को शीर्ष अदालत ने देश के सभी हाईकोर्ट को इस विषय पर स्वतः संज्ञान लेकर जनहित याचिका दर्ज करने के निर्देश दिए थे।
सुप्रीम कोर्ट ने ‘शहर आवारा कुत्तों के आतंक में, बच्चे चुका रहे हैं कीमत’ शीर्षक से दर्ज होने वाली जनहित याचिका की लगातार निगरानी करने को कहा था, जब तक समस्या का ठोस समाधान नहीं हो जाता। इसी के तहत मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर जनहित याचिका दर्ज की और राज्य सरकार से आवारा कुत्तों की रोकथाम, नसबंदी, टीकाकरण तथा सार्वजनिक परिसरों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों का विवरण मांगा।
सरकार ने जवाब में बताए ये इंतजाम
राज्य के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल की ओर से हाईकोर्ट में पेश जवाब में आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के प्रयासों की जानकारी दी गई है। सरकार के अनुसार, पिछले छह महीनों में प्रदेश में 15 हजार से अधिक आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण किया गया है।
कचरा प्रबंधन और फीडिंग को लेकर भी निर्देश
सरकार ने जवाब में बताया कि खाद्य सामग्री बेचने वाले वेंडरों को कचरे के उचित निपटान के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्हें खाद्य अपशिष्ट बंद डस्टबिन में रखने और खान-पान के स्टॉल के आसपास आवारा कुत्तों को भोजन नहीं कराने की सलाह दी जा रही है।
अदालत मित्र ने सरकार की रिपोर्ट को संतोषजनक बताया है। अब डिवीजन बेंच 3 नवंबर को सरकार की ओर से पेश आंकड़ों और उपायों पर विस्तृत विचार करेगी। इसके बाद आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे और हाईकोर्ट की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में 17 नवंबर की सुनवाई के लिए भेजी जाएगी।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया पर न्यूनतम आयु 18 के नियम बनाने को केंद्र को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने पूछी: बच्चे सोशल मीडिया पर कैसे खाता रख सकते हैं जब कॉन्ट्रैक्ट अवैध है

दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय को सुप्रीम कोर्ट के पद के लिए कलीजियम ने सिफ़ारिश की

सरकारी वकीलों के लिए नया ढांचा: 2026 के अध्यादेश से नई भूमिका और लाभ

सुप्रीम कोर्ट के लिये टelangाना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति पर कोलेजियम की सिफ़ारिश

राष्ट्रीय हाईवे 2 पर अवरोध हटाए, मनिपुर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया

सुप्रीम कोर्ट के जज बने लखनऊ के न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने तीन हाई कोर्ट मुख्य न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में प्रस्तावित किया
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने 18 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट पर रोक: सरकार को नियम बनाने का निर्देश
- कोल्हापुर का बॉम्बे हाई कोर्ट: चुनाव आयोग के निर्णयों पर याचिका, 22 अक्टूबर को सुनवाई
- सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने तीन हाई कोर्ट के चीफ जस्टिसों को जज पद के लिये सरकार को सुझाया
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया: LARRA को अपने अवार्ड निष्पादित कराने का अधिकार नहीं
- सुप्रीम कोर्ट ने टोक्यो के रेंकोजी मंदिर से नेता के राख लौटाने की याचिका पर केंद्र को चार हफ्ते उत्तर देने का समय दिया
- सुप्रीम कोर्ट में नई नियुक्तियाँ: गुजरात, दिल्ली और तेलंगाना के मुख्य न्यायाधीशों का नाम सामने
- सुप्रीम कोर्ट ने CBSE को क्लास 6 को भी 3‑भाषा फ़ॉर्मूला में वही छूट दी, जैसा क्लास 7 को
- सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI को पैक्ड फूड चेतावनी लेबल के 365‑दिन की स्वैच्छिक अवधि पर सवाल किया

