ट्रंप के आदेश को रद, अमेरिकी नागरिकता सुनिश्चित
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप के जन्म के अधिकार से मिलने वाली नागरिकता को सीमित करने वाले आदेश को रद कर दिया, जिससे भारतीय-अमेरिकी समुदाय में खुशी का माहौल है। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के आदेश को पूरी तरह से खारिज कर दिया, जिससे अमेरिकी धरती पर जन्में बच्चों को नागरिकता का अधिकार बरकरार रहा।

सौजन्य से:- Jagran
अमेरिका के लिए बर्थ टूरिज्म बना खतरा? ट्रंप प्रशासन नहीं कर सका साबित, US सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भारतीय-अमेरिकी खुश
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप के जन्म के अधिकार से मिलने वाली नागरिकता को सीमित करने वाले कार्यकारी आदेश को रद कर दिया है। ...और पढ़ें
HighLights
- सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप का जन्मसिद्ध नागरिकता सीमित करने का आदेश रद किया।
- अमेरिकी धरती पर जन्मे बच्चों को नागरिकता का अधिकार बरकरार।
- भारतीय-अमेरिकी समूहों और सांसदों ने फैसले का किया स्वागत।
डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। भारतीय-अमेरिकी समूहों और सांसदों ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का स्वागत किया है, जिसमें राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के उस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर को रद कर दिया गया है, जो जन्म के अधिकार से मिलने वाली नागरिकता को सीमित करता था।
कोर्ट ने इस बात को बरकरार रखा है कि अमेरिकी धरती पर पैदा होने वाले बच्चे नागरिक होते हैं। वहीं, राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक पोस्ट में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'मैं राष्ट्रपति शी और चीन जैसे महान देश को जन्मसिद्ध नागरिकता के मामले में मिली बड़ी जीत पर बधाई देना चाहता हूं।'
सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिकी नागरिकता पर सुनाया फैसला
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ट्रंप की उस कोशिश को खारिज कर दिया, जिसमें वे 150 साल पुरानी नीति को खत्म करना चाहते थे। उनके एग्जीक्यूटिव आर्डर का मकसद यह था कि बिना कागजात वाले अप्रवासियों और अस्थायी विदेशी निवासियों के बच्चे अपने-आप अमेरिकी न बन सकें।
नागरिक संगठन 'इंडियन अमेरिकन इंपैक्ट' के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर चिंतन पटेल ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला इस बात की पुष्टि है कि अमेरिका में कौन रहने का हकदार है।'
चिंतन पटेल ने कहा, 'भारतीय और दक्षिण एशियाई अप्रवासी परिवार उन लोगों में शामिल हैं जिन पर ट्रंप के एग्जीक्यूटिव ऑर्डर का सबसे सीधा खतरा था।'
भारतीय-अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति, प्रमिला जयपाल और सुहास सुब्रमण्यम ने फैसले का स्वागत किया और ट्रंप के आदेश को पूरे देश में अप्रवासियों के बच्चों की नागरिकता छीनने की एक खुली और असंवैधानिक कोशिश बताया।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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