दिल्ली हाई कोर्ट ने DU से पीजी में रहने 50,000 छात्रों की सुरक्षा की स्पष्ट योजना मांगी
सत्य निकेतन में पीजी इमारत के गिरने से सात छात्रों की मौत के बाद, कोर्ट ने दिल्ली म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के सर्वे में 2,453 पीजी इमारतों में लगभग 50,529 छात्रों के निवास को उजागर किया। उच्च न्यायालय ने दिल्ली विश्वविद्यालय से पूछा कि बड़ी संख्या में छात्र निजी पीजी में रहने के कारण उनकी सुरक्षित आवास व्यवस्था कैसे सुनिश्चित की जाएगी, और स्पष्ट उत्तर की मांग की।

सौजन्य से:- Navbharat Times
सत्य निकेतन में PG इमारत हादसे के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने एमसीडी और दिल्ली यूनिवर्सिटी को सख्त फटकार लगाते हुए छात्र सुरक्षा पर जवाब मांगा है।
नई दिल्लीः सत्य निकेतन में PG की इमारत गिरने से सात छात्रों की मौत के बाद दिल्ली हाई कोर्ट के सवालों ने राजधानी में PG हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था की तस्वीर सामने रख दी है। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब दिल्ली में हजारों स्टूडेंट्स PG में रह रहे हैं, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन तय करेगा।
हाई कोर्ट ने डीयू के जवाब पर उठाए सवाल
MCD के सर्वे में 2,453 PG इमारतों में करीब 50,529 लोग रहते मिले। इनमें केवल 730 प्रॉपर्टी का मंजूर बिल्डिंग प्लान था। चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली यूनिवर्सिटी के जवाब पर भी सवाल उठाए।
दिल्ली हाई कोर्ट ने DU से पूछा
कोर्ट ने कहा कि DU में करीब 1.3 लाख रेगुलर स्टूडेंट्स हैं, लेकिन हॉस्टल की सुविधा सिर्फ 5,698 छात्रों के लिए है। ऐसे में बड़ी संख्या में छात्र बाहर PG या निजी आवासों में रहते हैं। कोर्ट ने DU से पूछा कि छात्रों के लिए सुरक्षित आवास सुनिश्चित करने के लिए उसकी क्या योजना है?
DU के वकील ने दिया भरोसा
दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस डी. के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने DU के स्टेटस हलफनामे को 'अस्पष्ट' बताया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी देखा कि यूनिवर्सिटी ने याचिकाकर्ता की मांगों को ही अपने जवाब में दोहरा दिया था। इस पर DU के वकील ने एक हफ्ते के भीतर नया और स्पष्ट हलफनामा दाखिल करने का भरोसा दिया।
MCD के सर्वे की तस्वीर
कोर्ट के सामने MCD के सर्वे की तस्वीर भी रखी गई। 12 जोन में किए गए सर्वे में चार इमारतें ऐसी मिलीं, जिन्हें खतरनाक माना गया। 30 इमारतों में बड़ी मरम्मत और 91 में छोटी मरम्मत की जरूरत मिली। 8 लोड-बेयरिंग और 77 फ्रेम वाली बहुमंजिला इमारतों को भी निगरानी के लिए चिह्नित किया गया। कोर्ट की समीक्षा में एक और अहम बात सामने आई। जिन PG संपत्तियों का इंस्पेक्शन किया गया, उनमें किसी के पास मास्टर प्लान के तहत PG गतिविधि चलाने की अनुमति नहीं थी। ऐसे में यह सवाल भी उठा कि इन जगहों पर इतनी बड़ी संख्या में छात्रों को रहने की अनुमति कैसे मिल रही
लेखक के बारे मेंप्राची यादवलगभग 19 साल से पत्रकारिता में हैं। सात साल तक एक दिल्ली-एनसीआर न्यूज चैनल में विभिन्न क्षेत्रों में काम किया। प्रोग्रामिंग और एंकरिंग भी की। टीवी से ही लीगल रिपोर्टिंग की शुरुआत हुई। उस दौरान, जिला अदालतों और दिल्ली हाई कोर्ट के साथ सुप्रीम कोर्ट तक की रिपोर्टिंग की। 2013 में नवभारत टाइम्स से जुड़ीं। यहां पर शुरुआत जिला अदालतों, नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और उपभोक्ता अदालतों की रिपोर्टिंग से हुई। वर्तमान में अन्य सभी अदालतों के साथ दिल्ली हाई कोर्ट भी कवर कर रही हैं।... और पढ़ें
कन्वर्सेशन शुरू करें
Legalकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
ब्यावर में राष्ट्रीय लोक अदालत: MACT मामलों की तेज़ सुलह पर जोर

वर्चुअल कोर्टरूम में 20 मिनट की ब्लैकआउट: अधिवक्ता ने मुख्य न्यायाधीश से रिकॉर्ड संरक्षण की मांग की

अदालत में गवाह ने आजम खान पर पुलिस के झूठे आरोपों को नकारा

सुप्रीम कोर्ट ने सीईसी के चुनावी रोल निर्णय पर सवाल उठाया

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त ग्यानेश कुमार के खिलाफ आपराधिक मुकदमा और एसआईआर मतदाता हटाने की जांच की मांग

कठूमर में राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी पर बैठक

सुप्रीम कोर्ट ने बीसीआई की आयु सीमा नीति को चुनौती दी

सुप्रीम कोर्ट ने सांसद‑विधायकों के आपराधिक मामलों के त्वरित निपटारे को मंजूरी दी
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने सम्भाल मस्जिद समिति के विरोध में सर्वे ऑर्डर पर निर्णय स्थगित किया
- ब्यावर में 10 अक्टूबर को मोटर वाहन दुर्घटना मामलों के निपटारे के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत
- सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन का वोटर वेरिफिकेशन सिस्टम फिर से मंजूर, गैर‑नागरिकों को वोट से रोकने का लक्ष्य
- संबल जामा मस्जिद विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश को स्थगित रखा, कमिश्नर सर्वेक्षण की पुष्टि
- सुप्रीम कोर्ट ने मीरान हैदर की हाज़िरी शर्त में लचीलापन दिया, अन्य प्रतिबंध बरकरार
- छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शरई अदालत के तलाक आदेश पर लगाया अंतरिम रोक
- सुप्रीम कोर्ट ने सांभल मस्जिद सर्वेक्षण विरोधी याचिकाओं पर निर्णय स्थगित किया
- देवघर में कुख्यात गैंगस्टर शिबू मिश्रा का अचानक दिल का दौरा, पुलिस को मिली राहत

