मेघालय हाईकोर्ट ने अवैध रूप से रहने के आरोपी बांग्लादेशी नागरिकों की तीसरी जमानत याचिका खारिज की
मेघालय हाईकोर्ट ने दो बांग्लादेशी नागरिकों की तीसरी जमानत याचिका खारिज की। इन पर भारतीय न्याय संहिता 2023, (BNS) आर्म्स एक्ट 1959, फॉरेनर्स एक्ट 1946 और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट 1908 के तहत अपराध करने का आरोप है। कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष के गवाहों में से अब केवल एक गवाह से पूछताछ होनी बाकी है। जस्टिस डब्ल्यू. डिएंगडोह ने कहा: "इस कोर्ट को बताया गया है कि अभियोजन पक्ष के दस गवाहों में से अब केवल एक गवाह से पूछताछ होनी बाकी है। ऐसे में न्याय के हित में यह कोर्ट इस याचिका में की गई मांग को स्वीकार

सौजन्य से:- लाइव लॉ हिंदी
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मेघालय हाईकोर्ट ने दो बांग्लादेशी नागरिकों की तीसरी जमानत याचिका खारिज की। इन पर भारतीय न्याय संहिता 2023, (BNS) आर्म्स एक्ट 1959, फॉरेनर्स एक्ट 1946 और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट 1908 के तहत अपराध करने का आरोप है। कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष के गवाहों में से अब केवल एक गवाह से पूछताछ होनी बाकी है। जस्टिस डब्ल्यू. डिएंगडोह ने कहा: "इस कोर्ट को बताया गया है कि अभियोजन पक्ष के दस गवाहों में से अब केवल एक गवाह से पूछताछ होनी बाकी है। ऐसे में न्याय के हित में यह कोर्ट इस याचिका में की गई मांग को स्वीकार
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