मामले में कुछ तो गड़बड़ है: चार्जशीट तैयार होने के एक साल बाद भी कोर्ट में दाखिल नहीं करने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उठाए सवाल, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव से मांगा जवाब
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि करीब एक साल पहले चार्जशीट तैयार किए जाने के बावजूद उसे संबंधित अदालत में दाखिल क्यों नहीं किया गया। अदालत ने टिप्पणी की कि मामले में ऐसा कुछ है, जो पहली नजर में दिखाई नहीं दे रहा। खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर देरी का कारण बताने और ऐसे मामलों में की जाने वाली सुधारात्मक या दंडात्मक कार्रवाई की जानकारी देने का निर्देश दिया। जस्टिस अब्दुल मोइन और जस्टिस राजीव भारती की खंडपीठ निहारिका मिश्रा

सौजन्य से:- लाइव लॉ हिंदी
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि करीब एक साल पहले चार्जशीट तैयार किए जाने के बावजूद उसे संबंधित अदालत में दाखिल क्यों नहीं किया गया। अदालत ने टिप्पणी की कि मामले में ऐसा कुछ है, जो पहली नजर में दिखाई नहीं दे रहा। खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर देरी का कारण बताने और ऐसे मामलों में की जाने वाली सुधारात्मक या दंडात्मक कार्रवाई की जानकारी देने का निर्देश दिया। जस्टिस अब्दुल मोइन और जस्टिस राजीव भारती की खंडपीठ निहारिका मिश्रा
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