हाईकोर्ट मौखिक दलील के आधार पर किसी तीसरे पक्ष की पात्रता तय नहीं कर सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सिंगल जज का आदेश आंशिक रूप से पलटा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि किसी रिट याचिका का फैसला ऐसे विवादित या अप्रमाणित तथ्यों पर निर्भर करता है, जिनसे किसी तीसरे पक्ष की पात्रता प्रभावित होती है, तो कोर्ट को आमतौर पर संबंधित पक्ष से जवाबी हलफनामा मंगाना चाहिए। किसी ऐसे व्यक्ति के खिलाफ तथ्यात्मक निष्कर्ष दर्ज नहीं किया जाना चाहिए, जिसे अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं मिला हो। जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने यह टिप्पणी करते हुए सिंगल जज का आदेश आंशिक रूप से रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि चीफ टाउन एंड कंट्री प्लानर के पद का

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि किसी रिट याचिका का फैसला ऐसे विवादित या अप्रमाणित तथ्यों पर निर्भर करता है, जिनसे किसी तीसरे पक्ष की पात्रता प्रभावित होती है, तो कोर्ट को आमतौर पर संबंधित पक्ष से जवाबी हलफनामा मंगाना चाहिए। किसी ऐसे व्यक्ति के खिलाफ तथ्यात्मक निष्कर्ष दर्ज नहीं किया जाना चाहिए, जिसे अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं मिला हो। जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने यह टिप्पणी करते हुए सिंगल जज का आदेश आंशिक रूप से रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि चीफ टाउन एंड कंट्री प्लानर के पद का
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