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फैसले पर असर नहीं डालने वाली टाइपिंग की गलतियों के लिए न्यायिक अधिकारी की कठोर आलोचना अनुचित: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की टिप्पणियां हटाईं
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी फैसले में अनजाने में हुई टाइपिंग की गलतियों के लिए न्यायिक अधिकारी की कठोर आलोचना करना उचित नहीं है, खासकर जब उन गलतियों से मामले के परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ा हो। कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा एक महिला न्यायिक अधिकारी के खिलाफ की गई प्रतिकूल टिप्पणियां […]

सौजन्य से:- लॉ ट्रेंड हिंदी
स्रोत संक्षेप
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी फैसले में अनजाने में हुई टाइपिंग की गलतियों के लिए न्यायिक अधिकारी की कठोर आलोचना करना उचित नहीं है, खासकर जब उन गलतियों से मामले के परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ा हो। कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा एक महिला न्यायिक अधिकारी के खिलाफ की गई प्रतिकूल टिप्पणियां […]
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