सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस कमिश्नर का तर्क: जंतर-मंतर सार्वजनिक सड़क, इसे कभी भी विरोध-प्रदर्शन की जगह नहीं बनाया जाना चाहिए
दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया, जिसमें जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की जगह (प्रोटेस्ट साइट) के रूप में हटाए जाने के फैसले का बचाव किया गया। उन्होंने कहा कि यह फैसला जनहित को ध्यान में रखते हुए लिया गया था। साथ ही सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के अनुसार, कोई भी व्यक्ति किसी खास जगह पर विरोध-प्रदर्शन करने के अपने 'पूर्ण अधिकार' का दावा नहीं कर सकता। दिल्ली पुलिस कमिश्नर का कहना है कि जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की जगह के रूप में हटाए जाने के बाद प्रदर्शनों के लिए 3 अन्य जगहों को तय किया गया है -

सौजन्य से:- लाइव लॉ हिंदी
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दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया, जिसमें जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की जगह (प्रोटेस्ट साइट) के रूप में हटाए जाने के फैसले का बचाव किया गया। उन्होंने कहा कि यह फैसला जनहित को ध्यान में रखते हुए लिया गया था। साथ ही सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के अनुसार, कोई भी व्यक्ति किसी खास जगह पर विरोध-प्रदर्शन करने के अपने 'पूर्ण अधिकार' का दावा नहीं कर सकता। दिल्ली पुलिस कमिश्नर का कहना है कि जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की जगह के रूप में हटाए जाने के बाद प्रदर्शनों के लिए 3 अन्य जगहों को तय किया गया है -
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