जांच में खामियों का फायदा आरोपी को नहीं मिल सकता, अगर गवाहों और मेडिकल साक्ष्यों से अपराध साबित हो: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उम्रकैद बरकरार रखी
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कहा है कि पुलिस जांच में खामियां होने मात्र से आरोपी को बरी नहीं किया जा सकता, यदि प्रत्यक्षदर्शियों की विश्वसनीय गवाही और चिकित्सकीय साक्ष्य अपराध की पुष्टि करते हों। जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस जफीर अहमद की डिवीजन बेंच ने इस सिद्धांत के आधार पर सुल्तानपुर में […]

सौजन्य से:- लॉ ट्रेंड हिंदी
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कहा है कि पुलिस जांच में खामियां होने मात्र से आरोपी को बरी नहीं किया जा सकता, यदि प्रत्यक्षदर्शियों की विश्वसनीय गवाही और चिकित्सकीय साक्ष्य अपराध की पुष्टि करते हों। जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस जफीर अहमद की डिवीजन बेंच ने इस सिद्धांत के आधार पर सुल्तानपुर में […]
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