होम›हाई कोर्ट›मंदिरों के खजानों को खतरा?
हाई कोर्ट

मंदिरों के खजानों को खतरा?

मद्रास हाईकोर्ट ने मंदिरों के अधिशेष निधियों को गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में जमा करने की अनुमति देने वाले आदेश पर मामला सुनने के बाद एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि मंदिरों के अधिशेष निधियों का उपयोग केवल मंदिरों के हित में किया जाए।

21 मई 2026 को 03:59 am बजे
मंदिरों के खजानों को खतरा?

सौजन्य से:- बार एंड बेंच

मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस आदेश पर निर्णय लिया जिसमें मंदिरों के अधिशेष निधियों को गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) में जमा करने की अनुमति दी गई थी। बार एंड बेंच के अनुसार, यह आदेश मंदिरों के खजाने को खाली करने की योजना के रूप में देखा जा रहा है।

इस मामले में, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि मंदिरों के अधिशेष निधियों का उपयोग केवल मंदिरों के हित में किया जाए और उन्हें गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में जमा नहीं किया जाए। सूत्र: बार एंड बेंच

यह निर्णय मंदिरों के प्रबंधन और उनके धन के उपयोग के संबंध में राज्य सरकार की शक्तियों पर प्रकाश डालता है। यह निर्णय यह भी दर्शाता है कि न्यायपालिका मंदिरों के हितों की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

#मंदिर प्रबंधन#राज्य सरकार#गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
व्हाट्सऐप अकाउंट बहाल होने के बाद एमपी हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन अध्यक्ष की याचिका का निपटारा किया
हाई कोर्ट

व्हाट्सऐप अकाउंट बहाल होने के बाद एमपी हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन अध्यक्ष की याचिका का निपटारा किया

इंदौर मेट्रो के लिए पेड़ काटने की अनुमति, लेकिन पक्षी विशेषज्ञों की निगरानी में होगी चरणबद्ध कटाई: हाईकोर्ट
हाई कोर्ट

इंदौर मेट्रो के लिए पेड़ काटने की अनुमति, लेकिन पक्षी विशेषज्ञों की निगरानी में होगी चरणबद्ध कटाई: हाईकोर्ट

यूपी में बड़ा न्यायिक फेरबदल, 57 न्यायिक अधिकारियों को नई तैनाती, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जारी की अधिसूचना
हाई कोर्ट

यूपी में बड़ा न्यायिक फेरबदल, 57 न्यायिक अधिकारियों को नई तैनाती, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जारी की अधिसूचना

कोर्ट के आदेश के बिना सुनवाई की पुरानी रिकॉर्डिंग पाने का अधिकार नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की
हाई कोर्ट

कोर्ट के आदेश के बिना सुनवाई की पुरानी रिकॉर्डिंग पाने का अधिकार नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की

आरोपी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के लिए अदालत के समय की पाबंदी नहीं लगाई जा सकती: केरल हाईकोर्ट ने सरकारी दिशानिर्देश रद्द किए
हाई कोर्ट

आरोपी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के लिए अदालत के समय की पाबंदी नहीं लगाई जा सकती: केरल हाईकोर्ट ने सरकारी दिशानिर्देश रद्द किए

'गार्जियंस एंड वार्ड्स एक्ट' के तहत कस्टडी की अर्जी पर उसी कोर्ट में सुनवाई होनी चाहिए, जहां बच्चा रहता है: गुजरात हाईकोर्ट
हाई कोर्ट

'गार्जियंस एंड वार्ड्स एक्ट' के तहत कस्टडी की अर्जी पर उसी कोर्ट में सुनवाई होनी चाहिए, जहां बच्चा रहता है: गुजरात हाईकोर्ट

रजिस्ट्रेशन एक्ट | जमीन के समझौते में धोखाधड़ी के आरोपों पर रिट कोर्ट पूरी सुनवाई नहीं कर सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट
हाई कोर्ट

रजिस्ट्रेशन एक्ट | जमीन के समझौते में धोखाधड़ी के आरोपों पर रिट कोर्ट पूरी सुनवाई नहीं कर सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट

शिकायतकर्ता की पहली शादी कायम रहते दूसरी शादी करने पर सास के खिलाफ क्रूरता की FIR कायम नहीं रह सकती: गुजरात हाईकोर्ट
हाई कोर्ट

शिकायतकर्ता की पहली शादी कायम रहते दूसरी शादी करने पर सास के खिलाफ क्रूरता की FIR कायम नहीं रह सकती: गुजरात हाईकोर्ट

ताज़ा ख़बरें