सुप्रीम कोर्ट में याचिका, ज्ञानेश कुमार के चुनावी फैसलों पर खतरा; राहुल गांधी ने दिया कड़ा इशारा
एक जनहित याचिका के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानेश कुमार के उन निर्णयों को चुनौती दी है जो दो अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिये गये, जिससे सभी फैसलों को रद्द करने और फॉर्म‑6 को बहाल करने की माँग की गई है। याचिका में 13 करोड़ हटाए गये मतदाताओं की सूची की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) की भी माँग की गई है। इस बीच, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार को देशद्रोही कहा, उनका इस्तीफा मांगा और कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र की रक्षा के लिये चुप नहीं बैठेगी।

सौजन्य से:- Hindustan
ज्ञानेश कुमार की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, सुप्रीम कोर्ट में शिकायत; रद्द होंगे सारे फैसले?
नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कुमार को देशद्रोही करार दिया, उनके इस्तीफे की मांग की और चेतावनी दी कि कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी और भारत में लोकतंत्र को बर्बाद होते नहीं देखेगी।
Gyanesh Kumar News: चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुकी है। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के बाद यह जनहित याचिका (PIL) देश के सर्वोच्च अदालत में दायर की गई है। आरोप लगाया गया है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई फैसले अन्य दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए थे। अधिवक्ता चांद कुरैशी के माध्यम से अधिवक्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने मांग की है कि दोनों चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए फैसलों को अमान्य किए जाएं।
याचिका में मूल फॉर्म 6 को बहाल करने की भी मांग की गई है। इसके साथ ही इसकी जांच के लिए एक एसआईटी के गठन की भी मांग देश की सर्वोच्च अदालत से की गई। एसआईटी की मदद से एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए 13 करोड़ मतदाताओं के नाम की जांच की मांग की गई है।
ज्ञानेश कुमार पर मुकदमा चलाने की मांग
इस पीआईएल में जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में ज्ञानेश कुमार, वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग और महानिदेशक (IT) सीमा खन्ना पर मुकदमा चलाने की भी मांग की गई है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट पर हंगामा
आपको बता दें कि इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि एसआईआर सहित अन्य मामलों पर चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को नजरअंदाज किया जा रहा था। इसके बाद ज्ञानेश कुमार आलोचनाओं के घेरे में आ गए हैं। याचिका में कह गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
रिपोर्ट सामने आने के बाद से विपक्ष भी मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) पर निशाना साध रहा है। गुरुवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कुमार को देशद्रोही करार दिया, उनके इस्तीफे की मांग की और चेतावनी दी कि कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी और भारत में लोकतंत्र को बर्बाद होते नहीं देखेगी।
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