संजय जायसवाल के मानहानि केस में प्रशांत किशोर का फंस सकता है खट्टा परिणाम
बेतिया की अदालत ने प्रशांत किशोर को सार्वजनिक नोटिस जारी किया है, 28 जुलाई 2026 को उपस्थित होने का आदेश दिया है, अगर न हुए तो एकपक्षीय रूप से मामले की सुनवाई की।

सौजन्य से:- ETV Bharat
अदालत ने प्रशांत किशोर को सार्वजनिक नोटिस जारी किया
प्रशांत किशोर मुश्किल में घिरते दिख रहे हैं. संजय जायसवाल के मानहानि केस में बेतिया कोर्ट ने प्रशांत किशोर को सार्वजनिक नोटिस जारी किया है.
Published : July 6, 2026 at 5:19 PM IST
बेतिया : बिहार की राजनीति से जुड़ी महत्वपूर्ण खबर सामने आई है. जन सुराज के संस्थापक की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. बीजेपी सांसद डॉक्टर संजय जायसवाल के द्वारा दायर मानहानि के एक मामले में बेतिया की अदालत ने प्रशांत किशोर को सार्वजनिक नोटिस जारी किया है. अदालत ने 28 जुलाई 2026 को हर हाल में उपस्थित होने का निर्देश दिया है.
PK को पेश होने का आदेश : यदि प्रशांत किशोर या उनके अधिवक्ता निर्धारित तिथि पर पेश नहीं होते हैं, तो मामले की सुनवाई एकपक्षीय रूप से आगे बढ़ाई जा सकती है. अदालत द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, पहले विशेष दूत और निबंधित डाक के माध्यम से समन भेजा गया था, लेकिन प्रतिवादी की ओर से कोई जवाब या उपस्थिति दर्ज नहीं कराई गई. इसके बाद अदालत ने समाचार पत्र में प्रकाशन के माध्यम से सार्वजनिक नोटिस जारी किया है.
क्या है पूरा मामला? : यह मामला पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित सब जज प्रथम की अदालत में लंबित डैमेज सूट संख्या-2/2025 से जुड़ा है. यह वाद भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल की ओर से प्रशांत किशोर के खिलाफ दायर किया गया है. परिवाद में सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने आरोप लगाया है कि प्रशांत किशोर ने सार्वजनिक सभाओं, प्रेस वार्ताओं और अन्य मंचों से उनके खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए.
इनमें नगर निगम के डीजल मामले तथा कैंटोनमेंट ओवरब्रिज के एलाइनमेंट में बदलाव कर अपने पेट्रोल पंप को लाभ पहुंचाने जैसे आरोप शामिल हैं. सांसद का कहना है कि ये सभी आरोप पूरी तरह झूठे, निराधार और उनकी सामाजिक तथा राजनीतिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले हैं. इसी आधार पर उन्होंने अदालत में मानहानि और क्षतिपूर्ति की मांग करते हुए डैमेज सूट दायर किया है.
संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सार्वजनिक नोटिस : प्रारंभिक सुनवाई के दौरान अदालत ने वादी पक्ष द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और गवाहों के बयानों का अवलोकन किया. इसके बाद प्रतिवादी को समन जारी किया गया, लेकिन अदालत के अनुसार समन का कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अब सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया है.
22 दिन बाद सुनवाई : अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशांत किशोर स्वयं या अपने अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थित नहीं होते हैं, तो उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर मामले की एकपक्षीय सुनवाई की जा सकती है. वहीं, यदि वे अदालत में उपस्थित होते हैं, तो उन्हें अपना पक्ष रखने और आरोपों का जवाब देने का पूरा अवसर मिलेगा. फिलहाल इस मामले पर प्रशांत किशोर की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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