तमिलनाडु सरकार ने गोहत्या पर हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी
तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें राज्य में गायों और बछड़ों को काटने पर पूरी तरह से बैन लगाया गया है. सरकार ने कहा है कि यह आदेश तमिलनाडु एनिमल प्रिजर्वेशन एक्ट 1958 के खिलाफ है.

सौजन्य से:- AajTak
Advertisement
- चेन्नई,
- 01 जुलाई 2026,
- अपडेटेड 1:40 PM IST
तमिलनाडु की विजय सरकार ने मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें राज्य में गायों और बछड़ों को काटने पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है.
राज्य सरकार का कहना है कि हाई कोर्ट का आदेश तमिलनाडु एनिमल प्रिजर्वेशन एक्ट, 1958 के खिलाफ है. यह एक्ट अधिकारी द्वारा जारी सर्टिफिकेट के आधार पर 10 साल से ज्यादा उम्र की उन गायों को काटने की इजाजत देता है जो ब्रीडिंग के लिए फिट नहीं हैं.
Advertisement
राज्य सरकार के मुताबिक इस कानून के अलावा, दूसरे लागू कानून जैसे कि प्रिवेंशन ऑफ़ क्रुएल्टी टू एनिमल्स एक्ट, 1960, प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (स्लॉटर हाउस) रूल्स, 2001, तमिलनाडु अर्बन लोकल बॉडीज एक्ट, 1998 और तमिलनाडु अर्बन लोकल बॉडीज रूल्स, 2023 उन शर्तों को रेगुलेट करते हैं जिनमें जानवरों को काटा जा सकता है, लेकिन पूरी तरह से रोक नहीं लगाते हैं.
राज्य के अनुसार, पूरी तरह से रोक लगाने का हाईकोर्ट का निर्देश सही नहीं हैं. याचिका में कहा गया है कि 27 मई को बकरीद से एक दिन पहले हिंदू मक्कल काची के जनरल सेक्रेटरी के.सूर्य प्रशांत की तरफ से दाखिल एक जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने आदेश पारित किया था.
याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि स्लॉटर सिर्फ तय जगहों पर ही हो, लेकिन हाई कोर्ट ने मांग से आगे बढकर कहीं भी गायों और बछड़ों के स्लॉटर पर बैन लगाने का बड़ा ऑर्डर पास कर दिया.
---- समाप्त ----
TOPICS:
Read more!
Advertisement
Latest News in Hindi »
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
तमिलनाडु सरकार ने मद्रास HC के गो-हत्या प्रतिबंध के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी

यूके उच्च न्यायालय ने भारतीय मूल के बैरिस्टर को लौटने की अनुमति दी

तमिलनाडु सरकार ने गो-हत्या पर रोक के आदेश का सुप्रीम कोर्ट में विरोध किया

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया, आरोपपत्र की कॉपी न देने पर स्वत: जमानत का आधार नहीं

चार साल की एसिड अटैक पीड़िता को एमपी हाई कोर्ट ने दिया विशेष देखभाल का आदेश

सुप्रीम कोर्ट का आदेश: पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाना एक प्रयोग, सरकार ने कहा नहीं कोई बदलाव

तमिलनाडु सरकार ने गोहत्या प्रतिबंध को रद्द करने के लिए दांव खेला

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया - चार्जशीट नहीं मिलने से डिफॉल्ट जमानत नहीं
ताज़ा ख़बरें
- तमिलनाडु सरकार ने गौहत्या पर सुप्रीम कोर्ट में स्थगित की रोक
- केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस को पंचशील शिक्षा से कैसे निकाली गई छलांग
- अयोध्या के वकीलों का राम मंदिर दान चोरी मामले में इनकार क्यों एक गंभीर मामला है
- आसाराम को जमानत नहीं देंगे: सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से जवाब तलब
- तमिलनाडु विपक्षी है गोहत्या पर टम्पोरेरी प्रतिबंध के, सुप्रीम कोर्ट में चुनौती तो दे दी!
- तमिलनाडु सरकार ने उच्चतम न्यायालय में गोहत्या प्रतिबंध आदेश की वैधता पर सवाल उठाया
- तमिलनाडु सरकार ने गोवध प्रतिबंध को चुनौती दी
- भूमि कानून का नवीनीकरण: लोगों और व्यवसायों को केंद्र में रखकर राष्ट्रीय विकास को बढ़ावा देना

