विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग के अपहरण‑दुष्कर्म में दो आरोपी को आजीवन कैद दी
हमीरपुर पॉक्सो की विशेष अदालत ने सागर (सुरेंद्र धुरिया) और अखिलेश को नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामलों में दोषी ठहराया, प्रत्येक पर आजीवन कारावास के साथ 15 हज़ार व 22 हज़ार रुपये के अर्थदंड लगाए।

सौजन्य से:- ETV Bharat
हमीरपुर पॉक्सो की विशेष अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई
29 नवंबर 2023 को नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी.
By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : September 23, 2026 at 8:47 AM IST
हमीरपुर: पॉक्सो की विशेष अदालत ने मंगलवार को नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में आरोपी सागर उर्फ सुरेंद्र धुरिया को दोषी करार दिया और 15 हजार रुपये की अर्थिकदंड के साथ आजीवन कारावास की सजा सुनाई.
वहीं, एक दूसरे मामले में हमीरपुर पॉक्सो की विशेष अदालत ने 11 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म मामले में आरोपी अखिलेश को दोषी करार दिया है. न्यायालय ने उसे दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. कोर्ट ने दोषी पर 22 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है.
कोतवाली नगर क्षेत्र में 29 नवंबर 2023 को नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, जिसमें आरोपी कदौरा निवासी सागर उर्फ सुरेंद्र धुरिया कहार पर आरोप लगाया गया था कि वह वादी के नौ वर्षीय भांजी को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म करने तथा घटना के बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी.
इसके बाद मामले को ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिन्हित किया गया था, पुलिस और अभियोजन विभाग के बीच समन्वय कर साक्षियों की समयबद्ध तरीके से गवाही कराई गई. इसके साथ ही न्यायालय में मामले की प्रभावी पैरवी की गई.
22 सितंबर 2026 को विशेष पॉक्सो एक्ट कोर्ट, हमीरपुर ने सागर उर्फ सुरेंद्र धुरिया को धारा 363 और 506 आईपीसी तथा पॉक्सो एक्ट की धारा चार के तहत दोषसिद्ध किया और आजीवन कारावास के साथ 15 हजार रुपये के अर्थदंड लगाया.
मामले में एडीजीसी रुद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मामले में प्रभावी पैरवी की गई, अभियोजन विभाग की ओर से साक्षियों की समयबद्ध तरीके से गवाही कराई गई. प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है.
हमीरपुर पॉक्सो की विशेष अदालत ने आरोपी अखिलेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.
वहीं, एक दूसरे मामले में हमीरपुर पॉक्सो की विशेष अदालत ने 11 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में करीब सात साल आरोपी अखिलेश को दोषी करार दिया है. न्यायालय ने उसे धारा 450 आईपीसी और पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) के तहत दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. कोर्ट ने दोषी पर 22 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है.
सुमेरपुर थाना क्षेत्र में 21 जून 2019 को नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. पुलिस के अनुसार, मौदहा थाना क्षेत्र के बिगहना गांव निवासी अखिलेश पुत्र बलवीर खंगार पर रात में वादी के घर में घुसकर उसकी 11 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप था.
मामले को ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिन्हित किया गया था. अभियोजन विभाग से समन्वय कर साक्षियों की समयबद्ध तरीके से गवाही कराई और न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास और 22 हजार रुपये की अर्थदंड की सजा सुनाई है.
ये भी पढ़ें: कोर्ट के आदेश पर नाबालिग से दुष्कर्म और पिता की हत्या मामले में 13 के खिलाफ केस दर्ज
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