कानपुर की दो तहसीलों को न्यायिक क्षेत्राधिकार मिलने में हो रही देरी
कानपुर नगर की दो तहसीलों बिल्हौर और घाटमपुर के न्यायिक क्षेत्राधिकार को कानपुर देहात से कानपुर नगर में स्थानांतरित करने की मांग को लेकर वादकारी और वकील आंदोलन कर रहे हैं।

कानपुर नगर की दो प्रमुख तहसीलों—बिल्हौर और घाटमपुर—के लाखों नागरिकों को प्रशासनिक उपेक्षा के कारण आज भी इंसाफ के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। सूत्र: उत्तर प्रदेश शासन के अनुसार, 14 जून 2019 को ही अधिसूचना संख्या-527/सात-न्याय-2-2019-191जी/2017 जारी कर दोनों तहसीलों को वापस कानपुर नगर कोर्ट से जोड़ने की मंजूरी दे दी गई थी, लेकिन प्रशासनिक शिथिलता के कारण यह फैसला आज तक जमीन पर लागू नहीं हो सका है।
वादकारियों और वकीलों का कहना है कि इस विसंगति को दूर करने के लिए उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 1 सितंबर 2022 को माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महानिबंधक को पत्र लिखकर इस अधिसूचना पर तत्काल नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन उच्च न्यायालय के प्रशासनिक विंग द्वारा अंतिम क्रियान्वयन आदेश जारी न होने से पूरी प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है।
वकीलों ने तेज किया आंदोलन, अब आर-पार की लड़ाई करने की चेतावनी दी है कि यदि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से लागू करते हुए मुकदमों को कानपुर नगर न्यायालय में स्थानांतरित करने का अंतिम आदेश जारी नहीं किया, तो इस प्रशासनिक ढुलमुल रव aiए के खिलाफ जल्द ही माननीय उच्च न्यायालय के प्रशासनिक जज को मिलकर ज्ञापन सौंपा जाएगा।
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