कौन हैं IPS रेखा यादव? राजस्थान के किसान परिवार की बेटी, चंपावत में संभाल रहीं कानून व्यवस्था
चंपावत जिले की एसपी रेखा यादव, 2019 बैच की IPS अधिकारी हैं। वह मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली हैं। सामान्य खेती किसानी करने वाले परिवार की रेखा पहाड़ के कई जिलों की कमान संभाल चुकी हैं। देहरादून, आईपीएस रेखा यादव चंपाव…

सौजन्य से:- Navbharat Times
चंपावत जिले की एसपी रेखा यादव, 2019 बैच की IPS अधिकारी हैं। वह मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली हैं। सामान्य खेती किसानी करने वाले परिवार की रेखा पहाड़ के कई जिलों की कमान संभाल चुकी हैं।
देहरादून, आईपीएस रेखा यादव चंपावत जिले के कप्तान के तौर पर कमान संभाल रही हैं। चंपावत जिला सीएम पुष्कर सिंह धामी का विधानसभा क्षेत्र है, ऐसे में चंपावत जिले की कानून व्यवस्था रेखा यादव के लिए किसी चुनौती से कम नहीं हैं।
साल 2019 बैच की IPS अधिकारी रेखा यादव को उत्तराखंड कैडर मिला। चंपावत की कमान संभालने से पहले वे उत्तराखंड के कई महत्वपूर्ण जिलों में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।
संभाल चुकी हैं कई अहम जिम्मेदारी
सहायक पुलिस अधीक्षक देहरादून, हरिद्वार, एसपी क्राइम, ट्रैफिक हरिद्वार के बाद एसपी चमोली और पिथौरागढ़ जैसे सीमांत व संवेदनशील जिलों में कप्तान के तौर पर कार्य करने के बाद अब वह चंपावत जैसे अहम जिले में पुलिसिंग का नेतृत्व कर रही हैं।
शैक्षणिक योग्यता
रेखा यादव बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में बेहद मेधावी रही हैं। उनकी शुरुआती स्कूली शिक्षा और कॉलेज की पढ़ाई कोटपुतली (जयपुर) से ही संपन्न हुई। 12 वीं की परीक्षा 90.92% अंकों के साथ उत्तीर्ण करने के बाद रेखा ने बीएससी 84.67% अंकों के साथ पास की। उन्होंने समाजशास्त्र (Sociology) और भूगोल (Geography) विषयों से MA किया। इसके साथ ही
NET-JRF के बाद UPSC लक्ष्य
उन्होंने भूगोल विषय में देश की प्रतिष्ठित NET-JRF परीक्षा भी उत्तीर्ण की। पाँच भाई-बहनों में सबसे छोटी रेखा यादव ने देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली प्रशासनिक सेवा परीक्षा (UPSC CSE) को अपना लक्ष्य बनाया। अपने पसंदीदा विषय भूगोल (Geography) को वैकल्पिक विषय (Optional Subject) चुनकर उन्होंने तैयारी की।
तीसरे प्रयास में पाई सफलता
उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में UPSC 2018 परीक्षा में सफलता हासिल की और साल 2019 बैच की भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी बनीं। रेखा यादव का ताल्लुक एक साधारण और जमीन से जुड़े परिवार से है। उनके पिता शुरुआत में किसानी (खेती-बाड़ी) करते थे, जो प्रधान पंचायत समिति (कोटपुतली) रहे, उनकी माता एक कुशल गृहिणी रही हैं। साधारण परिवार से निकलकर रेखा ने देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा में पहुंचने का मुकाम हासिल किया।
परिवार और इलाके में पहली महिला अधिकारी
रेखा अपने परिवार में सरकारी नौेकरी में जाने वाली पहली महिला हैं। साथ ही अपने क्षेत्र में आईपीएस अधिकारी बनने वाली भी पहली महिला है। आईपीएस रेखा ने एक बार बताया था कि वह पढ़-लिखकर डॉक्टर बनना चाहती थीं लेकिन बाद में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा दी और उसमें वह सफल हो गईं।
पति भी आईपीएस अधिकारी
हैदराबाद में ट्रेनिंग के दौरान एक बार उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया था, जिस वजह से उन्हें कई दिनों तक अस्पताल में रहना पड़ा था। यहां उनकी मुलाकात साल 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय गणपति से हुई। जिसके बाद दोनों ने साथ रहने का निर्णय लिया और वैवाहिक जीवन में बंध गए।
लेखक के बारे मेंपवन नौटियालपवन नौटियाल नवभारत टाइम्स में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सेक्शन के लिए बतौर कंसलटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्हें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 14 वर्षों से अधिक का व्यापक पत्रकारीय अनुभव है। मूल रूप से उत्तराखंड (उत्तरकाशी) के रहने वाले पवन को दोनों राज्यों की राजनीति, सामाजिक-आर्थिक मुद्दों, क्राइम और यूटिलिटी खबरों की गहरी समझ है।उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 2012 में देहरादून से एक प्रतिष्ठित न्यूज चैनल के साथ की, जहां उन्होंने विधानसभा चुनावों की ग्राउंड रिपोर्टिंग और कई एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए। उन्होंने 2013 की भीषण केदारनाथ आपदा की भी क्रेडिबल ग्राउंड रिपोर्टिंग की है। इसके बाद, उन्होंने 'दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट' में 5 वर्षों तक डेस्क और फील्ड की दोहरी जिम्मेदारी संभाली। डिजिटल मीडिया में कदम रखते हुए उन्होंने वनइंडिया-डेलीहंट के साथ करीब 5 साल काम किया, जहां उन्होंने उत्तरकाशी के ऐतिहासिक सिलक्यारा टनल हादसे और धराली आपदा जैसी बड़ी घटनाओं को मौके पर जाकर कवर किया। दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले पवन विज्ञान के छात्र रहे हैं, जिससे उनकी खबरों में तार्किक और डेटा-आधारित सटीकता दिखती है।मुख्य विशेषज्ञता (Areas of Expertise)क्षेत्रीय कवरेज: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की राजनीति, समसामयिक मुद्दे और सामाजिक सरोकार।बीट्स: पॉलिटिकल एनालिसिस, क्राइम, हेल्थ, यूटिलिटी न्यूज और ग्राउंड डिजास्टर रिपोर्टिंग।अनुभव: 14+ वर्ष (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया)।पेशेवर यात्रा (Professional Experience)करियर की शुरुआत (2012): देहरादून में न्यूज चैनल से शुरुआत; उत्तराखंड विधानसभा चुनाव और केदारनाथ आपदा (2013) की लाइव कवरेज। 'लोकस्वामी' मैगजीन के लिए अहम कवर स्टोरीज।प्रिंट मीडिया (5 वर्ष): 'दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर/रिपोर्टर डेस्क और फील्ड रिपोर्टर के तौर पर काम।डिजिटल मीडिया (5 वर्ष): 'वनइंडिया-डेलीहंट' में यूपी-उत्तराखंड के चुनाव और बड़ी घटनाओं की कमान। उत्तरकाशी सिलक्यारा टनल रेस्क्यू और धराली आपदा की ग्राउंड रिपोर्टिंग।शिक्षा और क्रेडेंशियल (Education & Credentials)पोस्ट ग्रेजुएशन: मास कम्युनिकेशन (नई दिल्ली)।ग्रेजुएशन: साइंस स्ट्रीम (जो उनकी खबरों को एक विश्लेषणात्मक और सटीक दृष्टिकोण देता है)।स्थानीय जुड़ाव: मूल निवासी उत्तरकाशी (उत्तराखंड), जिससे उन्हें पहाड़ी राज्यों की भौगोलिक और राजनीतिक परिस्थितियों की स्वाभाविक और प्रामाणिक समझ है।... और पढ़ें
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