हाथरस में राष्ट्रीय लोक अदालत: सुलह‑समझौते से कई कानूनी विवादों का शीघ्र निपटान
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधीन शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनय कुमार ने उद्घाटन किया, जहाँ चेक बाउंस, बैंक वसूली, मोटर दुर्घटना मुआवजा, पारिवारिक, भूमि‑संबंधी और उपयोगिता बिल जैसे विविध आपराधिक व सिविल मामलों को आपसी सहमति से सुलझाया गया। अदालत में उपस्थित लोगों को समझौते के माध्यम से तेज़ समाधान मिला, जिससे लंबी कानूनी प्रक्रिया से बचते हुए राहत मिली।

सौजन्य से:- bhaskar.com
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हाथरस में राष्ट्रीय लोक अदालत, सुलह से मामलों का निस्तारण:आपराधिक केस से चेक बाउंस और पारिवारिक विवाद तक मामलों का समझौते से निस्तारण
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हाथरस में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनय कुमार ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और फीता काटकर लोक अदालत का उद्घाटन किया। इस दौरान अन्य न्यायिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
लोक अदालत शुरू होते ही बड़ी संख्या में लोग अपने मामलों के निस्तारण के लिए पहुंचे। जिला न्यायालय परिसर के साथ मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण, स्थायी लोक अदालत, उपभोक्ता फोरम, कलेक्ट्रेट और सभी तहसील मुख्यालयों पर भी लोक अदालत लगाई गई।
राष्ट्रीय लोक अदालत में अलग-अलग बैंकों और सरकारी विभागों ने अपने शिविर लगाए। यहां मामलों से जुड़े पक्षकारों की सुनवाई की गई और आपसी सहमति से विवाद खत्म कराने का प्रयास किया गया। जिला न्यायालय परिसर में अलग-अलग तरह के मामलों को निस्तारण के लिए रखा गया। लोक अदालत में आने वाले लोगों को समझौते के जरिए विवाद खत्म करने का अवसर दिया गया।
चेक बाउंस से बैंक वसूली तक मामलों का निपटारा
लोक अदालत में आपराधिक मामलों के साथ चेक बाउंस, बैंक वसूली और मोटर दुर्घटना मुआवजे से जुड़े मामलों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा पारिवारिक विवाद, श्रम विवाद और भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामले भी आपसी सहमति से सुलझाए गए। छोटे आपराधिक मामलों में जुर्माना लगाकर उनका निस्तारण किया गया। इससे पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया से राहत मिली।
बिजली-पानी बिल और वैवाहिक विवाद भी सुलझाए
बिजली और पानी के बिल से जुड़े विवादों के साथ वैवाहिक और राजस्व मामलों को भी लोक अदालत में निपटाया गया। आर्बिट्रेशन, किराया, सुखाधिकार और विशिष्ट अनुतोष वाद से जुड़े सिविल मामलों पर भी सुनवाई हुई।अलग-अलग मामलों में दोनों पक्षों की सहमति के आधार पर विवाद खत्म कराने की प्रक्रिया अपनाई गई। अधिकारियों ने पक्षकारों को आपसी सुलह के जरिए मामले निपटाने का अवसर दिया।
सुलह-समझौते से विवाद खत्म, लोगों को राहत
राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों का निस्तारण आपसी सहमति और सुलह-समझौते के आधार पर किया गया। इसका उद्देश्य पक्षकारों को आसान और कम समय में विवादों का समाधान उपलब्ध कराना रहा। सुबह से ही न्यायालय और अन्य केंद्रों पर लोगों की भीड़ रही। लोक अदालत के जरिए आपराधिक, पारिवारिक, बैंकिंग, राजस्व और विभिन्न सिविल मामलों में पक्षकारों को विवाद समाप्त करने का मौका मिला।
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