झारखंड के निजी स्कूलों की जमीन‑बाधा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
झारखंड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने निजी विद्यालयों को मान्यता प्राप्त करने में जमीन की अनिवार्यता से उत्पन्न कठिनाइयों को दूर करने हेतु सुप्रीम कोर्ट में मामला दायर किया है। यह मामला 9 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है, जहाँ संघ राज्य के कई निजी स्कूलों की समस्याओं को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगा।

सौजन्य से:- Hindustan
Dhanbad News: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा झारखंड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन
Dhanbad News: झारखंड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने निजी विद्यालयों के लिए जमीन की अनिवार्यता में राहत की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। एसोसिएशन के धनबाद जिला सचिव इरफान खान के अनुसार, मामला 9 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। जमीन संबंधी शर्तों के कारण कई स्कूलों को मान्यता प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है।
Dhanbad News: धनबाद, मुख्य संवाददाता। गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों ने जमीन की बाध्यता हटाने व अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। झारखंड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के धनबाद जिला सचिव इरफान खान ने बताया कि यह मामला 9 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। निजी विद्यालयों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को रखा जाएगा। एसोसिएशन प्रदेश महासचिव राम रंजन कुमार सिंह के नेतृत्व में संघ सुप्रीम कोर्ट गया है। इरफान खान ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों के लिए झारखंड में आरटीई की प्रथम संशोधित नियमावली 2019 में जमीन की बाध्यता निजी विद्यालयों के लिए प्रमुख समस्या बनी हुई है।
जमीन की निर्धारित शर्त पूरी नहीं कर पाने के कारण राज्य के अनेक निजी विद्यालयों को मान्यता प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। निजी विद्यालयों के लिए जमीन की बाध्यता को हटाने अथवा इसमें आवश्यक राहत प्रदान करने का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रमुखता से रखा गया है। एसोसिएशन का उद्देश्य निजी विद्यालयों की वास्तविक समस्याओं और मान्यता प्राप्त करने में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों को न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से रखना है।
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