दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा, वादियों को जल्द न्यायिक शुल्क वापसी का हक
दिल्ली उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से कहा है कि उसे न्यायिक शुल्क की वापसी से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने के लिए एक नीति तैयार करनी चाहिए। न्यायालय का यह निर्देश एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया।

सौजन्य से:- Bar & Bench
दिल्ली उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण आदेश दिया है, जिसमें राज्य सरकार को न्यायिक शुल्क की वापसी के लिए एक नीति बनाने के निर्देश दिए गए हैं। Bar & Bench के अनुसार, यह आदेश एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया था, जिसमें न्यायिक शुल्क की वापसी में देरी की समस्या को उठाया गया था।
न्यायालय ने कहा कि न्यायिक शुल्क की वापसी में देरी एक गंभीर समस्या है, जो वादियों को परेशान करती है। इस समस्या का समाधान करने के लिए, न्यायालय ने राज्य सरकार से एक नीति बनाने के लिए कहा है, जिससे न्यायिक शुल्क की वापसी में तेजी लाई जा सके। सूत्र: Bar & Bench
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
Supreme Court ने Patna High Court के फैसले को Suo Motu उठाकर कड़ी लताड़ लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी, सीजेआई सूर्यकांत के टिप्पणी पर प्रकाश

सुप्रीम कोर्ट ने चार हाई कोर्टों में 12 अतिरिक्त जजों को स्थायी पद पर नियुक्त करने की सिफारिश की

महाराष्ट्र के मजिस्ट्रेट ने रेलवे अधिकारी को बग‑ग्रस्त VIP सोफ़ा न बदलने पर अवमानना नोटिस जारी किया

दिल्ली हाई कोर्ट ने SAP इंडिया को नायरा एनर्जी की सपोर्ट सेवाएँ तुरंत पुनर्स्थापित करने का निर्देश दिया

दिल्ली हाई कोर्ट की संख्या अब 50, सात नई नियुक्तियों का शपथ समारोह

किशोर न्याय कानून के दशक पर मंथन: प्रभावी कार्यान्वयन के लिए परामर्श कार्यक्रम

सात नए जजों की शपथ से दिल्ली हाई कोर्ट की कुल संख्या 50, खाली पद घटेंगे
ताज़ा ख़बरें
- दिल्ली उच्च न्यायालय ने इंटेरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस के लिए निर्देश, दोषी व्यक्ति पर अपमानजनक आरोपों के लिए
- केन्द्रीय सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट के सात नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की सूचना दी
- अल्लाहाबाद उच्च न्यायालय ने 2.5 वर्ष कैद रहे मुबारक अली को बAIL दिया
- सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट जज पदों के लिए 15 जजियों में 5 महिलाओं की सिफारिश की
- सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीशों ने बोधगया के महाबोधि व विष्णुपद मंदिरों में पूजा-अर्चना की
- गिरिडीह में राष्ट्रीय लोक अदालत ने 80,659 मामलों का निपटारा, 7.64 करोड़ रुपये राजस्व
- सुप्रीम कोर्ट‑दिल्ली हाईकोर्ट के जजों ने महाबोधि मंदिर में पूजा‑अर्चना की
- सुप्रीम कोर्ट जज और पत्नी ने सोनपुर में बाबा हरिहरनाथ की पूजा की

