भ्रष्टाचार के विरुद्ध बंगाल सरकार का बड़ा कदम, जब्त होगी अवैध संपत्ति, नीलामी का प्रस्ताव
पश्चिम बंगाल सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाते हुए एक नया कानून को लाने की तैयारी कर रही है। इस नए कानून के तहत अधिकारियों को भ्रष्टाचार के जरिए कमाई गई संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार दिया जाएगा।

सौजन्य से:- Mint
Shivam Shukla( विद इनपुट्स फ्रॉम वार्ता)
अपडेटेड25 Jun 2026, 06:39 AM IST
West Bengal New Anti Corruption Law: पश्चिम बंगाल सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाते हुए एक नया कानून को लाने की तैयारी कर रही है। इस नए कानून के तहत अधिकारियों को भ्रष्टाचार के जरिए कमाई गई संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार दिया जाएगा। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने चल रहे बजट सत्र के दौरान बुधवार को इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस प्रस्तावित कानून का मकसद उन भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों, राजनीतिक नेताओं और व्यक्तियों पर लगाम लगाना है,जिन्होंने अवैध तरीके से संपत्ति इकट्ठा की है।
विधानसभा सूत्रों के मुताबिक, इस विधेयक को पेश करने और पास कराने के लिए 29 जून को एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाए जाने की पूरी संभावना है। राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के सत्ता में आने के कुछ ही समय बाद यह कदम उठाया गया है, जिसे भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी दिखाने की दिशा में सरकार की एक बड़ी नीतिगत पहल के रूप में देखा जा रहा है।
मौजूदा तय कार्यक्रम के अनुसार, बजट सत्र का पहला चरण 25 जून तक चलना था, जिसके बाद अवकाश और फिर 7 जुलाई से सत्र का दूसरा चरण शुरू होना था। हालांकि, विधानसभा के सूत्रों का कहना है कि इस प्रस्तावित भ्रष्टाचार विरोधी कानून का मसौदा इस समय युद्ध स्तर पर तैयार किया जा रहा है।
कानूनी विशेषज्ञ इस समय इसके अलग-अलग प्रावधानों की बारीकी से जांच कर रहे हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह प्रस्तावित कानून अदालत की समीक्षा में टिक सके और इसमें कोई कानूनी कमी न रह जाए। चूंकि मसौदा तैयार करने का काम सत्र के इस चरण की तय समाप्ति से पहले पूरा होने की उम्मीद कम है, इसलिए सरकार इस कानून को सदन के पटल पर रखने और पास कराने के लिए 29 जून को विधानसभा की विशेष बैठक बुलाने पर विचार कर रही है।
सीएम अधिकारी ने सदन में कहा कि एक बार यह कानून लागू हो जाने के बाद भ्रष्टाचार के दोषी पाए जाने वाले लोगों को न केवल जेल की सजा काटनी होगी, बल्कि वे अवैध तरीकों से हासिल की गयी अपनी सारी संपत्ति भी खो देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, "लोगों को यह नहीं सोचना चाहिए कि बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने के बाद वे कुछ महीने जेल में बिताएंगे और फिर कानूनी पैंतरेबाजी के जरिए बाहर आकर आजाद घूम सकेंगे। वे दिन अब चले गए हैं। हम न केवल दोषियों को जेल भेजेंगे, बल्कि भ्रष्टाचार से कमायी गयी संपत्तियों और धन को भी जब्त करेंगे और कानून के अनुसार उनकी नीलामी करेंगे।"
Shivam Shukla
राजस्थान पत्रिका से शुरू हुआ शिवम शुक्ला का पत्रकारिता का कारवां आज मिंट हिंदी तक पहुंच चुका है। बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर, शिवम शेयर बाजार, इकोनॉमी और कॉर्पोरेट वर्ल्ड की जटिलताओं को सरल भाषा में आम पाठकों तक पहुंचाते हैं। डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों का अनुभव रखने वाले शिवम को आंकड़ों के पीछे छिपी असली खबर खोजने और फाइनेंशियल ट्रेंड्स को डिकोड करने का जुनून है। शिवम का स्पेशलाइजेशन स्टॉक मार्केट, SEBI व RBI की पॉलिसी, केंद्रीय बजट और क्रिप्टो-करेंसी जैसे व्यापक विषयों पर है। इसके साथ ही, वे पर्सनल फाइनेंस और इन्वेस्टमेंट से जुड़ी खबरों के जरिए पाठकों को स्मार्ट फाइनेंशियल फैसले लेने के लिए सशक्त बनाते हैं। मिंट से पहले, शिवम इकोनॉमिक टाइम्स हिंदी और राजस्थान पत्रिका जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों का हिस्सा रह चुके हैं। बिजनेस जर्नलिज्म के अलावा, जियो-पॉलिटिकल घटनाक्रमों और राजनीति पर भी उनकी गहरी पकड़ है। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले शिवम ने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन और UPRTOU मास्टर इन जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है।
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