अंतरधार्मिक विवाह: बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला
बॉम्बे उच्च न्यायालय ने अंतरधार्मिक विवाहों पर राज्य सरकार के परिपत्र को असंवैधानिक घोषित किया

सौजन्य से:- Live Law
बॉम्बे उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया, जिसमें उन्होंने विशेष विवाह अधिनियम के तहत अंतरधार्मिक विवाहों पर राज्य सरकार के परिपत्र को असंवैधानिक घोषित किया। Live Law के अनुसार, यह परिपत्र अंतरधार्मिक विवाहों के लिए अतिरिक्त प्रक्रियात्मक बाधाएं लगाता था, जिसे न्यायालय ने संविधान के विरुद्ध घोषित किया है।
इस फैसले का अर्थ यह है कि अब अंतरधार्मिक विवाहों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया सरल हो जाएगी और व्यक्तियों को अपने धर्म के बावजूद विवाह करने की स्वतंत्रता मिलेगी। सूत्र: Live Law
यह फैसला विशेष विवाह अधिनियम के प्रावधानों और संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, जो व्यक्तियों को समानता और स्वतंत्रता का अधिकार प्रदान करते हैं। यह फैसला यह भी दर्शाता है कि न्यायपालिका व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और संवैधानिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के लिए तैयार है।
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