Bail is the Rule, Jail is the Exception: भारत में ज़मानत का बुनियादी सिद्धांत
"Bail is the Rule, Jail is the Exception" - भारतीय क़ानून का एक ऐसा सिद्धांत जिसका अर्थ है कि मुल्ज़िम की आज़ादी को बेवजह छीना नहीं जाना चाहिए।

भारतीय क़ानून का बुनियादी उसूल यह है कि किसी शख़्स को मुल्ज़िम माना जाने से पहले उसके जुर्म का साब्यान किया जाना चाहिए। इसी सोच से "Bail is the Rule, Jail is the Exception" का सिद्धांत निकला है।
इसके अनुसार, जब तक किसी शख़्स का जुर्म अदालत में साबित न हो जाए, उसे बेगुनाह माना जाता है। इस सिद्धांत का आधार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 में दी गई व्यक्तिगत आज़ादी की गारंटी है।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी स्पष्ट किया है कि ज़मानत का सवाल तय करते वक़्त अदालत को व्यक्तिगत आज़ादी और इंसाफ़—दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना चाहिए। इसी के अंतर्गत 2012 में सुप्रीम कोर्ट के Sanjay Chandra v. CBI (2012) 1 SCC 40 के फ़ैसले में कहा गया कि मुक़दमे से पहले किसी शख़्स को लंबे समय तक जेल में रखना सज़ा का विकल्प नहीं बन सकता।
सूत्र: यह लेख Aaj Tak के विशेषज्ञ अली हम्माद ने लिखा है।
इसका मतलब क्या है
यह सिद्धांत भारतीय न्याय व्यवस्था में आज भी बहुत महत्वपूर्ण है, खासकर जब किसी मुल्ज़िम को लंबे समय तक जेल में रखा जाता है और मुक़दमे की कोई हलचल नहीं होती है। अगर अदालतें इस सिद्धांत का पालन करती हैं और मुल्ज़िमों को ज़मानत देती हैं जिनके पास अपने मामले के लिए सही सबूत हैं, तो यह न केवल इंसाफ़ की राज़दारी होगी, बल्कि नागरिकों की विश्वास से भरी न्याय प्रणाली को भी मजबूती मिलेगी।
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम: मध्यस्थता में विशेषज्ञता भारत में वैकल्पिक विवाद समाधान को बढ़ावा देने का संदेश

सुप्रीम कोर्ट का AI पर ऐतिहासिक फैसला: फर्जी AI-जनित केस लॉ पर 'जीरो टॉलरेंस'

क्या सरकारी अधिकारी कानून से ऊपर हैं?

स्वास्थ्य सेवा और सेवादारी: उपभोक्ता संरक्षण कानून का चिकित्सा लापरवाही पर प्रभाव

हेट स्पीच पर हाई कोर्ट का निर्णय: अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सार्वजनिक व्यवस्था का संतुलन

एक प्रशंसनीय वकील का उदय: न्यायपालिका में AOR श्रिया माइनी

बलरामपुर में पुलिस के वाहन को कुर्क करने का आदेश

गोपालगंज में 14,500 लीटर शराब नष्ट, बड़ी कार्रवाई!
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट के बाद फिर उठा कावेरी जल विवाद, तमिलनाडु में सर्वदलीय बैठक की मांग क्यों?
- पाकिस्तान के कराची में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में आग लगने में 11 साल के बच्चे का ही हाथ!
- सुप्रीम कोर्ट ने नौवीं कक्षा के छात्रों के लिए सीबीएसई की तीन-भाषा रूपरेखा की चुनौती देने से इनकार कर दिया
- सुप्रीम कोर्ट ने ऋण वसूली प्रक्रिया में सुधार के लिए शुरू की नई पहल
- मेकेदातु बांध मुसीबत को बढ़ावा देगा क्या और किसानों पर पड़ेगा असर!
- पति की हत्या करने के लिए बाथरूम में दफनाने वाली महिला जज के सामने रोने लगी
- CG: हाईकोर्ट ने देवेंद्र यादव की चुनाव याचिका खारिज की, साक्ष्यों के आधार पर होगा फैसला
- दिल्ली कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत पर फिर से डाली सुनवाई को नाकाम कर दिया

