ताजमहल परिसर में मंदिर होने के दावे पर हाई कोर्ट ने केंद्र और ASI से मांगा जवाब
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सोमवार को एक रिट याचिका पर केंद्र सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से जवाबी हलफनामा मांगा है। इसमें आगरा के ताजमहल परिसर में मंदिर होने का दावा किया गया है।

सौजन्य से:- Jansatta
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सोमवार को एक रिट याचिका पर केंद्र सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से जवाबी हलफनामा मांगा है। इस याचिका में आगरा के ताजमहल परिसर में मंदिर होने का दावा किया गया है।
यह याचिका आगरा जिला कोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर की गई है। जिला कोर्ट ने दीवानी न्यायाधीश (सीनियर डिवीजन) और अपर जिला न्यायाधीश ने विवादित परिसरों का सर्वेक्षण करने के लिए अधिवक्ता आयोग गठित करने का आदेश पारित करने से इनकार कर दिया था।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पेश हुए अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने दलील दी कि अधिवक्ता आयोग गठित करने और विवादित परिसरों की फोटोग्राफी के लिए उनका आवेदन गलत ढंग से खारिज किया गया।
हरिशंकर जैन ने कहा कि याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी गई कि यह सुनवाई लायक नहीं है।
जवाबी हलफनामा दाखिल करे सरकार
जैन की दलील सुनने के बाद जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल ने केंद्र सरकार और एएसआई को इस मामले में जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा और इस रिट याचिका में चौथे प्रतिवादी पंकज कुमार वर्मा को भी नोटिस जारी किया।
अधिवक्ता सौम्या श्रीवास्तव के मुताबिक, साल 2015 में एक वाद दायर किया गया था जिसमें यह घोषणा करने का अनुरोध किया गया था कि ताजमहल परिसर में भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान तेजो महालय मंदिर है। यह वाद आगरा के दीवानी न्यायाधीश (सीनियर डिवीजन) की अदालत में लंबित है।
सौम्या श्रीवास्तव के मुताबिक, इस वाद के लंबित रहने के दौरान एक अधिवक्ता आयोग गठित करने के लिए आवेदन किया गया लेकिन जिला न्यायालय की दोनों अदालतों ने इस पर आदेश पारित करने से इनकार कर दिया। अदालतों के आदेश को ही याचिका में चुनौती दी गई है।
यह याचिका भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान तेजो महालय मंदिर और हरि शंकर जैन एवं चार अन्य लोगों द्वारा दायर की गई है।
यह भी पढ़ें- दिल्ली कोर्ट से उमर खालिद और शरजील इमाम को झटका
दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत की नई अर्जियों को खारिज कर दिया। एडिशनल सेशंस जज समीर बाजपेयी ने यह आदेश दिया। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
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