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हाईकोर्ट का नोटिस, ताजमहल के सच के बारे में जाने की ज़रूरत: तेजो महालय के समर्थक

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ताजमहल को लेकर एक याचिका पर सुनवाई की और केंद्र सरकार और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) को नोटिस जारी किया। याचिका में आगरा के जिला अदालत द्वारा ताजमहल के सर्वे की मांग को खारिज करने के खिलाफ है, जिसने माना है कि परिसर में एक मंदिर है। हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने भी केंद्र और एएसआई से जवाब मांगा है। ताजमहल के बारे में दावा किया जाता है कि वह वास्तव में तेजो महालय नाम का मंदिर है और इसके सर्वे कराने से इसके सच को जानने में मदद मिल सकती है।

6 जुलाई 2026 को 10:58 am बजे
हाईकोर्ट का नोटिस, ताजमहल के सच के बारे में जाने की ज़रूरत: तेजो महालय के समर्थक

सौजन्य से:- Navbharat Times

आगरा के ताजमहल परिसर में मंदिर होने के दावे के आधार पर इसका सर्वे कराने की मांग की याचिका जिला कोर्ट से खारिज किए जाने के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में पहुंची याचिका पर अदालत ने केंद्र सरकार और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) को नोटिस जारी किए हैं।

प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस आगरा की अदालत के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर जारी किया गया है जिसमें ताजमहल के सर्वे की मांग को खारिज कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और एएसआई से जवाब मांगा है।

मकबरा और मंदिर का सवाल

आगरा के ताजमहल को लेकर लंबे समय से यह सवाल उठाया जा रहा है कि यह मकबरा है या मंदिर? ताजमहल के बारे में दावा किया जाता है कि वह वास्तव में तेजो महालय नाम का मंदिर है। इन्हीं सवालों को लेकर ताजमहल परिसर का सर्वे कराने की मांग वाली याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट में पहुंची है। इस याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट ने सुनवाई की और नोटिस जारी किए हैं।

जिला अदालत ने खारिज की थी याचिका

पहले याचिका आगरा जिला अदालत में दायर की गई थी। इसमें ताजमहल के सर्वे के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने की मांग की गई थी। जिला कोर्ट ने इससे इनकार कर दिया गया था। यह याचिका उस दावे पर आधारित है जिसके मुताबिक ताजमहल परिसर में मंदिर है। हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई सोमवार को सुनवाई हुई।

जिला कोर्ट के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे याचिकाकर्ता

आगरा के ताजमहल को लेकर विवाद का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में पहुंच गया है। ताजमहल परिसर में मंदिर होने का दावा करने वाले पक्ष की याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई की। याचिका में कोर्ट से ताजमहल परिसर का सर्वेक्षण कराने की मांग की गई है। इस आशय की याचिका पहले आगरा जिला कोर्ट में दायर की गई थी। उसे खारिज किए जाने पर याचिकाकर्ता इलाहाबाद हाईकोर्ट में पहुंच गए हैं। हाईकोर्ट ने इस पर केंद्र सरकार और एएसआई को नोटिस जारी करके जवाब मांगे हैं।

ताजमहल के सर्वे के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने की मांग

याचिकाकर्ता भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान तेजो महालय मंदिर और अन्य के वकील का कहना है कि, सन 2015 में एक केस दायर किया गया था। यह मामला आगरा के सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पास लंबित है। इस मुकदमे में यह घोषित करने की मांग की गई है कि परिसर में एक मंदिर मौजूद है।

चूंकि यह मुकदमा कई सालों से लंबित है, इसलिए अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की अदालत में एक अर्जी दाखिल करके ताजमहल के सर्वे के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने की मांग की गई थी। दोनों जिला न्यायलयों ने इस याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में केंद्र सरकार, भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण (ASI) और दो अन्य को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिकार्ताओं का दावा है कि आगरा में विश्व धरोहर ताजमहल परिसर में भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान तेजो महालय मंदिर है।

लेखक के बारे मेंसूर्यकांत पाठकसूर्यकांत पाठक, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में कंसल्टेंट हैं। वे जून 2025 से टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े हैं। सूर्यकांत पाठक एनबीटी डिजिटल में बिहार डेस्क पर सेवाएं दे रहे हैं। सूर्यकांत समाचार विश्लेषण, संपादकीय लेखन, कला समीक्षा, नाट्य और संगीत समीक्षा, पर्यावरण से जुड़े मुद्दों, सामाजिक मुद्दों और राजनीतिक मुद्दों पर धारदार कलम चलाते हैं। वे 31 साल से पत्रकारिता कर रहें हैं। इस लंबी अवधि में उन्होंने कई वर्षों तक अलग-अलग माध्यमों के लिए रिपोर्टिंग की है। कई लोकसभा चुनावों के अलावा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनावों को कवर किया है। कई बड़े सांस्कृतिक, साहित्यिक आयोजनों को भी कवर किया है। उन्होंने कई दिग्गज कलाकारों, राजनीतिज्ञों, साहित्यकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साक्षात्कार किए हैं।

सूर्यकांत पाठक ने ग्राउंड रिपोर्टिंग के अलावा कई वर्षों तक डेस्क पर संपादन की जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने सभी समाचार माध्यमों प्रिंट मीडिया, रेडियो, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दी हैं। वे इस दौरान रिपोर्टिंग के अलावा विभिन्न डेस्कों पर अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते रहे हैं। वे समय-समय पर स्थानीय समाचार डेस्क के अलावा, देश-प्रदेश, अंतरराष्ट्रीय समाचार, फीचर डेस्क और चुनाव डेस्क के लिए भी काम करते रहे हैं।

सूर्यकांत पाठक विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग और समाचार लेखन करते रहे हैं। वे हमेशा अपनी रपट में खबर से पीछे और खबर से आगे के तथ्यों को भी शामिल करते हैं। इससे उनकी खबरों में समग्रता होती है। वे एक अच्छे 'स्टोरी टेलर' हैं और उनके लेखन में दृश्यात्मकता है, जिससे उनकी रपट अधिक प्रभावी बन जाती है।

पत्रकारिता अनुभव

सूर्यकांत पाठक ने पत्रकारिता के करियर की शुरुआत ऑल इंडिया रेडियो- सागर में कैजुअल एनाउंसर/कंपेयर के रूप में सन 1993 में की थी। सन 1995 में दैनिक समाचार पत्र दैनिक भास्कर के सागर ब्यूरो में रिपोर्टर नियुक्त हुए। बाद में भोपाल में भी इसी पद पर काम किया। सन 1997 में प्रतिष्ठित हिंदी दैनिक नईदुनिया के इंदौर संस्करण में रिपोर्टर/सब एडिटर का दायित्व संभाला। इसके बाद सन 2003 में अमर उजाला- जम्मू में सीनियर रिपोर्टर नियुक्त हुए। सन 2005 में उन्होंने ईटीवी ज्वाइन किया और उन्हें जबलपुर में पूर्वी मध्य प्रदेश के ब्यूरो चीफ का जिम्मा दिया गया।

सन 2006 में दैनिक भास्कर-भोपाल में न्यूज एडिटर के रूप में फिर से प्रिंट मीडिया में काम शुरू किया। सन 2009 में पीपुल्स समाचार - भोपाल में न्यूज एडिटर के रूप में ज्वाइन किया। इसके बाद उन्होंने सन 2010 में लोकमत समाचार-औरंगाबाद (महाराष्ट्र) में न्यूज एडिटर का जिम्मा संभाला। उन्होंने जुलाई 2015 में एनडीटीवी इंडिया (डिजिटल)-नई दिल्ली में न्यूज एडिटर के रूप में ज्वाइन किया और 2017 में डिप्टी एडिटर बने। जनवरी 2025 में वे एनडीटीवी में सेवानिवृत्त हुए।

सूर्यकांत पाठक ने डॉ हरिसिंह गौर सेंट्रल यूनिवर्सिटी, सागर से बीए, एमए -परफॉर्मिंग आर्ट (थिएटर), बीसीजे और एसजेसी की डिग्रियां ली हैं। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ (छत्तीसगढ़) से हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन में डिप्लोमा किया है। उन्होंने भारत भवन- भोपाल पर रिसर्च की है। उन्होंने'बच्चों पर केबिल टेलिविजन का असर' विषय पर लघु शोध किया है। इंदौर की गंदी बस्तियों में लोगों के जीवन स्तर पर एक वृहत सर्वे किया है।

अवॉर्ड/अचीवमेंट्स

बेस्ट रिपोर्टर (प्रेस क्लब -सागर), बेस्ट सिटी एडिटर (लोकमत समाचार, महाराष्ट्र), ज्वाला प्रसाद ज्योतिषी पत्रकारिता अलंकरण (सागर), नारद मुनि सम्मान (इंदौर), भुवन भूषण देवलिया पत्रकारिता पुरस्कार (भोपाल) सहित सूर्यकांत पाठक को कई पुरस्कार मिले हैं।... और पढ़ें

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