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AI चिकित्सा निर्णयों के लिए कौन जिम्मेदार?

चिकित्सा क्षेत्र में AI का उपयोग बढ़ रहा है, लेकिन इसके गलत निर्णयों के लिए कौन जिम्मेदार होगा, यह सवाल है। वर्तमान में भारत में AI आधारित चिकित्सा निर्णयों के लिए कोई विशेष कानून नहीं है, और जिम्मेदारी डॉक्टर, अस्पताल, AI निर्माता कंपनी या इन सभी के बीच परिस्थितियों के अनुसार निर्धारित की जाएगी।

24 जून 2026 को 03:59 pm बजे
AI चिकित्सा निर्णयों के लिए कौन जिम्मेदार?

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आज चिकित्सा क्षेत्र में तेजी से अपनी जगह बना रही है। AI आधारित चिकित्सा निर्णयों में गलती होने पर जिम्मेदारी किसकी होगी, यह प्रश्न चिकित्सा जगत में चर्चा का विषय बन गया है।

AI आधारित चिकित्सा निर्णयों में डॉक्टर की भूमिका क्या है, यह जानने के लिए कई मामले सामने आ चुके हैं। AI निर्माता कंपनी की भी जिम्मेदारी सवालों के घेरे में है, खासकर जब AI का उपयोग करने वाले डॉक्टरों की निगरानी में पर्याप्त नहीं होती है।

आइए जानते हैं कि वर्तमान में भारत में AI आधारित चिकित्सा निर्णयों के लिए कोई विशेष कानून नहीं है। हालांकि चिकित्सीय लापरवाही के सिद्धांत, उत्पाद उत्तरदायित्व के नियम और उपभोक्ता संरक्षण कानून ऐसे मामलों में लागू हो सकते हैं।

स्पष्ट कानूनी ढांचे की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है। AI चिकित्सा क्षेत्र में नई संभावनाएं लेकर आई है, लेकिन इसके साथ जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। AI स्वयं जिम्मेदार नहीं ठहराई जा सकती, इसलिए किसी गलती की स्थिति में जिम्मेदारी डॉक्टर, अस्पताल, AI निर्माता कंपनी या इन सभी के बीच परिस्थितियों के अनुसार निर्धारित की जाएगी।

इसका मतलब क्या है

यह वास्तविकता कुछ लोगों के जीवन को खतरे में डाल सकती है, खासकर जब AI आधारित उपचार के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं होती है या AI के बारे में जानकारी की कमी होती है। AI उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को अपने उत्पादों के साथ उचित जानकारी देनी चाहिए और डॉक्टरों को भी AI के उपयोग के पीछे के तर्कों को समझना सुनिश्चित करना चाहिए।

#AI#कृत्रिम बुद्धिमत्ता#चिकित्सा#जिम्मेदारी

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