बहराइच की अदालत ने 24‑वर्ष पुरानी हत्या‑प्रयास केस में कैलाश सिंह को 5 साल की जेल की सजा सुनाई
प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश शैली राय ने 10 अगस्त 2000 को मीरपुर‑चिलवा में हुए हत्या‑प्रयास मामले में कैलाश सिंह को पाँच वर्ष कठोर कारावास और पाँच हजार रुपये के आर्थिक दंड की सजा दी। उसी दौरान आरोपी की पत्नी नंदिनी और अन्य सह‑आरोपी को सबूत की कमी के कारण बरी कर दिया गया। दंड न चुकाने पर एक माह अतिरिक्त कारावास का प्रावधान है।

सौजन्य से:- Jagran
कैसरगंज: 24 साल पुराने मामले में अदालत का फैसला, हत्या के प्रयास में दोषी को 5 साल की सजा
बहराइच में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश शैली राय ने हत्या के प्रयास के एक आरोपी कैलाश सिंह को दोषी ठहराते ...और पढ़ें
HighLights
- हत्या के प्रयास में कैलाश सिंह को पांच साल की सजा।
- बहराइच की अदालत ने पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
- कैसरगंज के मीरपुर चिलवा में 2000 में हुआ था जानलेवा हमला।
जागरण संवाददाता, बहराइच। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश शैली राय ने हत्या के प्रयास के आरोपित को दोष सिद्ध ठहराते हुए पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न अदा करने पर उसे एक माह अतिरिक्त जेल में रहना पड़ेगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता अपराध सुनील कुमार जायसवाल ने मामले की पैरवी की। उन्होंने बताया कि कैसरगंज इलाके के मीरपुर चिलवा में प्रदीप कुमार ने थाने में तहरीर देकर बताया कि 10 अगस्त 2000 की शाम उनके भाई मनोज खेत देखकर लौट रहे थे।
लाठी से पीटने का आरोप
वापस आते समय आरोपित कैलाश सिंह, उनकी पत्नी नंदिनी और उनका बेटा लाल हाथ में कट्टा लेकर जान से मारने की नीयत से घेर लिया और फायर कर दिया, जिससे उन्हें चोटें आई। वह वहीं गिर पड़े। नंदिनी चोटिल अवस्था में उन्हें लाठी से पीटा।
शोर पर गांव के तमाम लोग एकत्र होने लगे तो आरोपित धमकी देकर भाग गए। पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए आरोपित कैलाशबक्श सिंह, नंदिनी सिंह के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया।
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अदालत ने मामले के विचारण के दौरान क्रास केस के आरोपित प्रदीप कुमार अवस्थी व इस मुकदमे की नंदिनी सिंह को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया और आरोपित कैलाश बक्श सिंह को हत्या के प्रयास के मामले में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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