राम मंदिर चंदा चोरी मामले में 1 अरब लोग सवाल कर रहे हैं, जवाब देना होगा बीजेपी-आरएसएस को
राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला बढ़ता ही जा रहा है। वरिष्ठ पत्रकार आनंद रंगनाथन ने सुप्रीम कोर्ट, बीजेपी और आरएसएस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि भारत के 1 अरब लोग इस मामले में जवाब चाहते हैं। बीजेपी और आरएसएस को समझना चाहिए कि यह सवाल सिर्फ़ विपक्ष ने नहीं उठाया है। सवाल यह भी है कि अभी तक सुप्रीम कोर्ट ने इस मसले में दखल क्यों नहीं दिया?

सौजन्य से:- Navbharat Times
Ram temple donation row: राम मंदिर में चंदा चोरी को लेकर वरिष्ठ पत्रकार और लेखक आनंद रंगनाथन ने सुप्रीम कोर्ट, बीजेपी और आरएसएस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष का नाम लेकर सवाल से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता है।
नई दिल्लीः अयोध्या स्थित राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला ठंडा पड़ता नजर नहीं आ रहा है। विपक्ष के साथ साथ प्रबुद्ध वर्ग भी चंदा चोरी मामले में जांच की मांग कर रहा है। इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की राज्य और केंद्र सरकार के साथ साथ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) से भी सवाल किए जा रहे हैं। राम मंदिर में चंदा चोरी को लेकर वरिष्ठ पत्रकार और लेखक आनंद रंगनाथन ने सुप्रीम कोर्ट, बीजेपी और आरएसएस पर सवाल उठाए हैं।
1 अरब लोग जवाब चाहते हैं: आनंद रंगनाथन
न्यूज 18 पर एक चर्चा के दौरान आनंद रंगनाथन ने कहा कि भारत के 1 अरब लोग इस मामले में जवाब चाहते हैं। बीजेपी और आरएसएस को यह समझना चाहिए कि यह सवाल सिर्फ़ विपक्ष ने नहीं उठाया है। सवाल यह भी है कि अभी तक सुप्रीम कोर्ट ने इस मसले में दखल क्यों नहीं दिया? उन्होंने कहा कि बीजेपी और संघ के लोग विपक्ष पर सवाल कर रहे हैं कि जो लोग कभी राम मंदिर नहीं गए वे भी चंदा चोरी पर बोल रहे हैं। विपक्ष पर राजनीतिक रोटियां सेंकने का आरोप लगाया जा रहा है। आनंद रंगनाथन ने कहा कि विपक्ष को निशाने पर लेकर राम मंदिर में चंदा चोरी के सवालों से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता।
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में भारत के 1 अरब लोग जवाब चाहते हैं। बीजेपी और आरएसएस को यह समझना चाहिए कि यह सवाल सिर्फ़ विपक्ष ने नहीं उठाया है। सवाल यह भी है कि अभी तक सुप्रीम कोर्ट ने इस मसले में दखल क्यों नहीं दिया?
आनंद रंगनाथन, लेखक और पत्रकार
पत्रकार बोले-आरएसएस और बीजेपी को जवाब देना चाहिए
आनंद रंगनाथन ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों को किनारे कर दीजिए। लेकिन भारत के 1 अरब लोग, हिंदू चंदा चोरी के सवाल का जवाब चाहते हैं। राम मंदिर सिर्फ हिंदुत्व का प्रतीक नहीं है बल्कि यह भारत की पहचान भी है। आरोपियों के घर से लाखों रुपये बरामद किए जा रहे हैं, लेकिन मामले की जांच करने वाली एसआईटी चुप है। चंपत राय बोल रहे हैं कि सब कुछ ठीक है। उन्होंने कहा कि इस मसले पर आरएसएस और बीजेपी को जवाब देना चाहिए।
चढ़ावा चोरी के मामले की न्यायिक जांचव होः भाकपा
बता दें कि राम मंदिर में चंदा चोरी की जांच की मांग कम्युनिस्ट पार्टी ने भी की है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी. राजा ने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले की न्यायिक जांच और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) से ऑडिट कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए और जवाबदेही तय होनी चाहिए।
राजा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह विवाद ‘देशभर के मंदिरों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और संघ परिवार के नियंत्रण से मुक्त कराने की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करता है।’ उन्होंने कहा, ‘दशकों से संघ परिवार भगवान राम के नाम पर चंदा एकत्र कर अपनी तिजोरियां भरता रहा है। करोड़ों लोगों की आस्था को राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने या वित्तीय दुरुपयोग का माध्यम नहीं बनने दिया जा सकता।’
लेखक के बारे मेंवरुण शैलेशवरुण शैलेश, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में असिस्टेंट न्यूज एडिटर हैं। वह अप्रैल 2025 में नवभारत टाइम्स से जुड़े और होमपेज टीम का हिस्सा बने। वह शिफ्ट और होमपेज की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ न्यूज की प्रभावी प्लानिंग, खबर लिखने और संपादन की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। उन्हें प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल न्यूज टीम में काम करने का लंबा अनुभव है। इस दौरान डेस्क के साथ रिपोर्टिंग का अनुभव भी हासिल किया। सियासी गलियारे में होने वाली हलचलों, सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों, समाज में सांस्कृतिक बदलावों पर नजर रखते हैं। करंट अफेयर्स को लेकर सचेत रहने वाले वरुण शैलेश रोजाना खबरों को विभिन्न एंगल से प्रस्तुत करने को लेकर एक्टिव रहते हैं। वैश्विक राजनीति का देश की सियासत पर पड़ने वाले असर, जियोपॉलिटिकल सिचुएशन के लिहाज से खबरों के प्रजेंटेशन में महारत रखते हैं। वरुण शैलेश न्यूज को चैलेंज की तरह लेते हैं और खबरों की दुनिया को एन्जॉय करते हैं।
विशेषज्ञताः करंट अफेयर्स, ब्यूरोक्रेसी और राजनीतिक खबरों के साथ ग्लोबल पॉलिटकल सिचुएशन का देश की राजनीति पर पड़ने वाले असर के लिहाज से खबरों को प्रस्तुत करते हैं। सोशल जस्टिस, चाइल्ड प्रोटेक्शन से जुड़े इश्यूज पर पकड़।
पत्रकारिता का अनुभवः वरुण शैलेश ने वर्ष 2009 में इंडो एशियन न्यूज सर्विस (IANS)से करियर की शुरुआत की, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग और खबरों के संपादन में महारत हासिल की। इसके बाद हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) से जुड़े और सेंट्रल डेस्क पर पांच साल से ज्यादा समय तक रहे। इस दौरान, उन्होंने लोकसभा चुनाव 2014 के अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली विधानसभा चुनावों से जुड़ी खबरों के संपादन की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद दैनिक जागरण के संपादकीय पेज और Op-ed पेज पर रहे। इस दौरान विभिन्न विषयों के नामचीन लेखकों, वरिष्ठ पत्रकारों के लेखों के संपादन के साथ साथ आइडिएशन, संपादन की जिम्मेदारी संभाली। 2018 में आजतक (डिजिटल) टीम का हिस्सा बने। आजतक में मुख्य न्यूज टीम का हिस्सा रहे। इस दौरान लोकसभा चुनाव 2019, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली विधानसभा चुनावों को कवर किया। दिल्ली में विभिन्न पॉलिटकल गतिवियों को कवर किया। आजतक में इंटरनेशनल-फीचर टीम को भी लीड किया। आजतक डिजिटल में इंटरनेशनल पेज को दूसरा सबसे अधिक नंबर लाने वाले सेक्शन के तौर पर स्थापित किया। दैनिक भास्कर (डिजिटल) में वुमन सेक्शन (फीचर) टीम को लीड किया। इस दौरान आइडिएशन, प्रभावी प्लानिंग की जिम्मेदारी संभालने के साथ साथ हेल्थ, क्राइम, फूड और सोशल इश्यूज पर जमकर लिखा।
वरुण शैलेश ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से सोशियोलॉजी (ऑनर्स) में ग्रेजुएशन किया। फिर भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा करने के बाद पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर की डिग्री भी हासिल की।... और पढ़ें
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